दुनिया के तीन बड़े हॉटस्पॉट – यूक्रेन, गाजा और खाड़ी क्षेत्र – में इन दिनों बड़ी हलचल है। जहाँ एक तरफ रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति की हर उम्मीद पर हमले भारी पड़ते दिख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर संघर्षग्रस्त गाजा को मिस्र से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण बॉर्डर दो साल बाद खोल दिया गया है। इन सबके बीच, ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव ने पश्चिम एशिया की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
यूक्रेन में खदान कर्मियों की बस पर भीषण हमला
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को करीब चार साल होने को हैं, लेकिन ताजा घटनाक्रम पूर्वी यूक्रेन से आया है, जहाँ रूसी ड्रोन हमले ने कोहराम मचा दिया है। खदान में काम करने वाले मजदूरों को ले जा रही एक बस पर हुए इस दर्दनाक हमले में 12 कामगारों की मौत हो गई है, जबकि 15 लोग गंभीर रूप से घायल हैं और जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। यह हमला दिखाता है कि युद्धक्षेत्र में नागरिक ठिकानों पर खतरा अभी भी बना हुआ है।
गाजा का राफा बॉर्डर खुला: शर्तों के साथ मिली राहत
करीब दो साल तक बंद रहने के बाद, गाजा को मिस्र से जोड़ने वाली राफा बॉर्डर क्रॉसिंग को एक बार फिर खोल दिया गया है। मई 2024 में इजरायली सेना ने युद्ध के दौरान इस पर कब्जा कर लिया था, लेकिन अब सीजफायर समझौते के तहत यहाँ आवाजाही शुरू हुई है। फिलहाल इजरायल ने इसे ‘परीक्षण आधार’ (टेस्ट बेसिस) पर खोला है और शुरुआती दौर में सख्ती बरती जा रही है।
समझौते के अनुसार, हर दिन केवल 50 मरीजों को ही इलाज के लिए गाजा से बाहर जाने की अनुमति होगी। प्रत्येक मरीज के साथ परिवार के अधिकतम दो सदस्य जा सकेंगे। युद्ध के दौरान गाजा छोड़ चुके 50 लोग हर दिन अपने घर लौट पाएंगे।
करीब 20 हजार बीमार फिलिस्तीनियों के लिए यह क्रॉसिंग किसी जीवनदान से कम नहीं है, हालांकि अभी किसी भी तरह के सामान को ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है। यूरोपीय संघ का मिशन पूरे आवागमन पर पैनी नज़र रखे हुए है। अगर यह टेस्ट सफल रहा, तो आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
खाड़ी में तनाव: ईरान की बड़ी चेतावनी
पश्चिम एशिया में भी तनाव की लपटें तेज हो रही हैं। अमेरिका द्वारा खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाए जाने पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उनके देश पर हुआ कोई भी हमला एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष को जन्म देगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दबाव भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
एक तरफ वैश्विक शक्तियाँ संघर्षरत हैं, तो वहीं दूसरी तरफ गाजा में राफा क्रॉसिंग का खुलना हजारों जरूरतमंदों के लिए एक छोटी, मगर महत्वपूर्ण राहत ज़रूर है। वैश्विक शांति स्थापित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करने की आवश्यकता है।









