महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भायंदर इलाके के एक निजी स्कूल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि स्कूल में टिफिन में मेथी की सब्जी लाने वाले एक छात्र पर 50 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा स्कूल पर छात्रों को मेथी और इसी तरह की कुछ अन्य सब्जियां खाने से रोकने और कैंटीन से खाना लेने के लिए कहने का भी आरोप है। मामले की शिकायत मिलने के बाद मीरा-भायंदर महानगरपालिका के शिक्षा विभाग ने स्कूल को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
टिफिन में मेथी लाने पर लगा 50 रुपये का जुर्माना
मामला जैन समुदाय के पर्युषण पर्व के दौरान का बताया जा रहा है। आरोप है कि एक छात्र अपने घर से बने टिफिन में मेथी की सब्जी लेकर स्कूल पहुंचा था। इसके बाद उस पर 50 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी सवाल उठने लगे। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट्स में स्कूल की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
छात्रों से कैंटीन में खाना लेने को कहा गया?
स्कूल पर एक और आरोप है कि पर्युषण के दौरान छात्रों को मेथी और कुछ अन्य हरी सब्जियां खाने से रोका गया। रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रों को स्कूल की कैंटीन से खाना लेने के लिए कहा गया और इसके लिए प्रति छात्र 20 रुपये लिए गए। इन आरोपों को लेकर अभिभावकों की ओर से शिकायत की गई, जिसके बाद स्थानीय निकाय के शिक्षा विभाग ने मामले में हस्तक्षेप किया।
महानगरपालिका ने स्कूल को भेजा नोटिस
मामले की शिकायतों के बाद मीरा-भायंदर महानगरपालिका के शिक्षा विभाग ने संबंधित निजी स्कूल को नोटिस जारी किया है। विभाग ने स्कूल प्रशासन से आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि स्कूल की ओर से नोटिस का क्या जवाब दिया गया है। प्रशासन की जांच और स्कूल के जवाब के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति साफ होगी।
क्या है पर्युषण पर्व?
पर्युषण पर्व जैन धर्म का प्रमुख धार्मिक पर्व है। इस दौरान जैन समुदाय के कई लोग उपवास और खान-पान से जुड़े विशेष नियमों का पालन करते हैं। इनमें कई लोग हरी पत्तेदार सब्जियों और जमीन के नीचे उगने वाली कुछ सब्जियों से परहेज करते हैं।
इसी धार्मिक परंपरा के संदर्भ में स्कूल की ओर से छात्रों के खान-पान को लेकर कथित निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, स्कूल में छात्रों पर जुर्माना लगाए जाने और कैंटीन से खाना लेने के लिए कहे जाने के आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या किसी धार्मिक पर्व की मान्यताओं के आधार पर स्कूल छात्रों के घर से आने वाले भोजन को नियंत्रित कर सकता है। वहीं, प्रशासन ने फिलहाल स्कूल से स्पष्टीकरण मांगा है। इसलिए इस पूरे मामले में स्कूल का पक्ष और शिक्षा विभाग की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।