सप्ताह का हर एक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है। इसी क्रम में आज शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित है। शास्त्रों के अनुसार, शनिदेव को कर्मफल दाता कहा जाता है, यानी वे जातकों को उनके कर्मों के हिसाब से शुभ-अशुभ फल देते हैं। यही कारण है कि उनकी पूजा का विशेष महत्व है। अगर आपकी कुंडली में शनि की महादशा, साढ़ेसाती या ढैया चल रही है, तो आज के दिन किए गए कुछ विशेष ज्योतिषीय उपाय आपके कष्टों को काफी हद तक कम कर सकते हैं और आपको शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है।
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए भक्त दान-पुण्य से लेकर मंत्र, चालीसा और आरती का पाठ करते हैं। माना जाता है कि सच्ची निष्ठा से किए गए ये उपाय शनि दोष के अशुभ प्रभावों को कम करते हैं। आइए जानते हैं शनिवार को किए जाने वाले 5 अचूक उपाय, जो आपको शनिदेव की कृपा दिला सकते हैं:
सरसों का तेल चढ़ाएं:- शनिवार के दिन किसी शनि मंदिर में जाकर या पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा, शनिदेव की प्रतिमा पर सरसों का तेल अर्पित करने से भी कष्टों में कमी आती है।
जरूरतमंदों को दान:- शनिदेव की कृपा पाने का सबसे अच्छा तरीका है दान-पुण्य करना। शनिवार के दिन काला कपड़ा, काले तिल, उड़द दाल या लोहे की चीजें दान करने से शनि दोष शांत होता है।
हनुमान चालीसा का पाठ:- शनिदेव स्वयं भगवान हनुमान के भक्तों को कष्ट नहीं देते हैं। इसलिए, शनिवार के दिन सुबह और शाम हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से साढ़ेसाती के कष्टों से तुरंत राहत मिलती है।
शनि मंत्र का जाप:- इस दिन शनि के बीज मंत्र – ‘ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः’ या ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ का कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए। यह मंत्र मानसिक शांति प्रदान करता है और नकारात्मकता दूर करता है।
पीपल की पूजा:- मान्यता है कि शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की 7 बार परिक्रमा करने और जल चढ़ाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। परिक्रमा करते समय ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करते रहना चाहिए।
इन सरल और अचूक उपायों को पूरी श्रद्धा और ईमानदारी के साथ करने से न्याय के देवता शनिदेव अति प्रसन्न होते हैं, जिससे जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और करियर तथा स्वास्थ्य में सफलता प्राप्त होती है।









