चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ चल रहे प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला करते हुए चुनावी प्रदर्शन और कांग्रेस के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए हैं. शिवराज सिंह चौहान के कहा- कांग्रेस लगातार हार रही है और अपनी नाकामयाबी का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ रही है. अब ये कांग्रेस की आदत बन चुकी है.
उपचुनावों से लेकर स्थानीय निकायों तक लगातार हार से घिरी पार्टी
शिवराज सिंह चौहान ने देश के विभिन्न राज्यों का उदाहरण देते हुए कांग्रेस की जमीनी हक़ीक़त पर सवाल खड़े कर दिए. उन्होंने असम, त्रिपुरा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के चुनावी परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि एक के बाद एक चुनाव हारना कांग्रेस की नियति बन गया है. जब पार्टी चुनावी मैदान में सफल नहीं हो पाती, तो उसकी खीझ सड़कों पर आंदोलनों के रूप में दिखाई देती है.
संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाना अनुचित
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अपनी चुनावी हार का ठीकरा चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हार के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार नहीं है, बल्कि पार्टी का कमजोर नेतृत्व और विचारों की कमी इसकी प्रमुख वजह है. मंत्री ने आरोप लगाया कि अपनी कमियों की समीक्षा करने के बजाय कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करती है.
कांग्रेस की गुटबाजी पर शिवराज का तंज: ‘जो खुद में उलझे हैं, वे जनता को क्या संभालेंगे’
आगे शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस में भीतर चल रही अपनी अपनी गुटबाज़ी पर तीखा हमला बोला उन्होंने कहा कि आज के समय पर कांग्रेस पार्टी की हालत बहुत ख़राब हो चुकी है. पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदलना पड़ा है, तो वहीं कर्नाटक में सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर आए दिन झगड़े सामने आते रहते हैं. उन्होने कहा कि- ‘आज स्थिति यह है कि कांग्रेस न केवल जनता की नजरों से उतर चुकी है, बल्कि उसने देशवासियों के दिलों में अपनी जगह भी पूरी तरह खो दी है’.