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शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 26 महीने के निचले स्तर पर, निवेशकों के 9.43 लाख करोड़ डूबे

30 मार्च को शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 1,635 अंकों से ज्यादा गिरकर 71,947 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 22,331 के स्तर तक फिसल गया। करीब 3,400 से ज्यादा शेयरों में गिरावट दर्ज हुई और निवेशकों को करीब 9.43 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

26 महीने के निचले स्तर पर सेंसेक्स

सेंसेक्स 14 फरवरी 2024 के बाद पहली बार 72 हजार के नीचे बंद हुआ, जो करीब 26 महीनों का निचला स्तर है। मार्च महीने में ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 10.5% की गिरावट दर्ज की गई, जो कोविड के बाद सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है।

गिरावट की बड़ी वजहें

बाजार में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण सामने आए हैं—
कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचना
विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली
रुपये में ऐतिहासिक गिरावट
RBI के नए नियमों से बैंकिंग शेयरों पर दबाव

इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर बाजार का सेंटिमेंट कमजोर कर दिया।

US-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है। मिडिल ईस्ट में सैन्य गतिविधियां तेज होने और संभावित जमीनी हमले की खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

तेल की कीमतों में तेज उछाल

मिडिल ईस्ट संकट के चलते ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात बिगड़ते हैं और होर्मुज स्ट्रेट बंद होता है, तो तेल की कीमतें 200 डॉलर तक जा सकती हैं।

रुपया पहली बार 95 के पार

भारतीय रुपया पहली बार डॉलर के मुकाबले 95 के स्तर को पार कर गया, जिससे बाजार पर और दबाव बढ़ गया। हालांकि वित्त मंत्री ने कहा कि अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में रुपया स्थिर है।

RBI के फैसले से बैंकिंग सेक्टर प्रभावित

RBI के नए निर्देश के बाद बैंकिंग शेयरों में गिरावट आई है। बैंकों को विदेशी मुद्रा पोजिशन सीमित करने के आदेश दिए गए, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।

ग्लोबल मार्केट्स का भी दबाव

दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। जापान, कोरिया, ताइवान और अमेरिका के बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली।

FII की लगातार बिकवाली

विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। लगातार 20वें सत्र में FII नेट सेलर बने रहे, जिससे बाजार में गिरावट और तेज हो गई।

F&O एक्सपायरी से बढ़ा उतार-चढ़ाव

निफ्टी की मासिक एक्सपायरी के कारण भी बाजार में ज्यादा वोलैटिलिटी देखने को मिली। ट्रेडर्स द्वारा पोजिशन बदलने से बाजार में तेजी से उतार-चढ़ाव आया। कुल मिलाकर, ग्लोबल तनाव, महंगा कच्चा तेल, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने मिलकर शेयर बाजार में बड़ी गिरावट ला दी है।

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