स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े पाक्सो (POCSO) प्रकरण में एक नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। हाल ही में स्वामी ने एक ऐसी तस्वीर जारी की है जिसने पूरे मामले में हलचल मचा दी है। इस तस्वीर में शिकायतकर्ता आशुतोषानंद और मामले के जांच अधिकारी अजय पाल कथित तौर पर एक साथ केक काटते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह तस्वीर उस वक्त की बताई जा रही है जब आशुतोषानंद ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बटुकों के यौन शोषण का आरोप लगाया था। गौरतलब है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का नाम POCSO Act के तहत दर्ज है और मामले की जांच पुलिस अधिकारी अजय पाल कर रहे हैं।
इस ताजा घटनाक्रम में, केदारघाट स्थित श्री विद्यामठ में निवास कर रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस तस्वीर को शिकायतकर्ता और जांच अधिकारी के बीच ‘निकटता और विश्वास’ का प्रतीक बताया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए इसे अपनी छवि धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि वे न्यायालय में अपनी बात पूरी मजबूती के साथ रखेंगे और सत्य शीघ्र ही सामने आएगा।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर जांच अधिकारी अजय पाल की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। दूसरी ओर, संभावित पुलिस कार्रवाई की अटकलों के बीच श्री विद्यामठ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थकों और शिष्यों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कानूनी प्रक्रिया में सहयोग के लिए अधिवक्ताओं की एक टीम भी परिसर में मौजूद है। स्वामी के समर्थकों ने भी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया है और अनुयायियों से शांति व धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
कुल मिलाकर, यह मामला अब कानूनी और सामाजिक दोनों मोर्चों पर एक गरमागरम बहस का विषय बन गया है। सभी की निगाहें अब पुलिस जांच और न्यायालय के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं।









