त्रिपुरा: भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास त्रिपुरा के बॉक्सनगर स्थित आशाबाड़ी इलाके में कथित तस्करों के एक समूह ने BSF जवानों पर हमला कर दिया. इस घटना में सीमा सुरक्षा बल के तीन जवान घायल हो गए. आरोप है कि हमलावरों ने जवानों के सर्विस हथियार छीनने की कोशिश की और उनकी सरकारी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया. मामले की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री माणिक साहा ने दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
तस्करी की कोशिश के दौरान हुआ विवाद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना आशाबाड़ी बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगी बाड़ के पास गेट नंबर 174 और 175 के नजदीक हुई. सूत्रों के अनुसार, कुछ लोग कथित तौर पर गैरकानूनी सामान सीमा पार ले जाने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान 49वीं बटालियन के ड्यूटी पर तैनात BSF जवानों ने उनका पीछा किया. बताया जा रहा है कि पीछा किए जाने पर संदिग्ध लोग अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे, हालांकि, BSF जवानों ने घटनास्थल से करीब 400 मीटर दूर एक संदिग्ध को पकड़ लिया. उसकी पहचान हेफजुर रहमान के रूप में बताई गई है.
तीन BSF जवानों पर अचानक हमला
इसी बीच रहीमपुर कांतमुरा BOP से तीन BSF जवान सरकारी वाहन से बॉक्सनगर की ओर जा रहे थे. जब वे नाकाबंदी वाले स्थान पर पहुंचे, तो कथित तौर पर तस्करों के एक समूह ने उन पर हमला कर दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने जवानों के साथ मारपीट की, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं. हमले के दौरान जवानों को जमीन पर गिरा दिया गया और उनके सर्विस हथियार छीनने की कोशिश भी की गई. इसके अलावा हमलावरों ने BSF की सरकारी गाड़ी में जमकर तोड़फोड़ की. घायल जवानों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया.
हमलावरों में बांग्लादेशी नागरिक होने का शक
सूत्रों ने दावा किया है कि हमलावरों के समूह में कुछ बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हो सकते हैं. आरोप है कि ये लोग आशाबाड़ी इलाके में रहकर सीमा पार तस्करी की गतिविधियों में शामिल थे. हालांकि, हमलावरों की नागरिकता और इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
CM माणिक साहा ने हमले की निंदा की
BSF जवानों पर हुए हमले को लेकर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना की निंदा करते हुए कहा कि हमारे बहादुर BSF जवानों पर इस तरह का हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं की कड़ी निंदा की जानी चाहिए.
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें कानून के अनुसार सजा दिलाई जाए. माणिक साहा ने यह भी कहा कि देश के सुरक्षा कर्मी सर्वोच्च सम्मान और सुरक्षा के हकदार हैं. फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई और हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है.


