विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से नाम गायब होने को लेकर परेशान लोगों के लिए चुनाव आयोग ने अहम स्पष्टीकरण जारी किया है, आयोग ने साफ किया है कि जिन पुराने मतदाताओं का नाम मसौदा मतदाता सूची यानी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं है, वे भी बिना किसी डर के फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं. ऐसा करना झूठी घोषणा नहीं माना जाएगा, भले ही संबंधित व्यक्ति पहले भी कई बार मतदाता सूची में शामिल रहा हो.
दरअसल, SIR के तहत प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं मिलने के बाद कई पुराने मतदाता फॉर्म-6 भरने से हिचकिचा रहे थे. इसकी वजह फॉर्म में दी जाने वाली वह घोषणा है, जिसमें कहा जाता है कि आवेदक का नाम पहली बार मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है. ऐसे मतदाताओं को आशंका थी कि पहले वोटर रह चुके होने के बावजूद यह घोषणा करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
चुनाव आयोग ने इस भ्रम को दूर करते हुए बताया कि फॉर्म-6 में पहली बार नाम शामिल होने से जुड़ी घोषणा 1 अगस्त 2022 से लागू है, यदि किसी पात्र मतदाता का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है तो उसे SIR के दौरान या उसके बाद नए सिरे से फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाना होगा. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह पहले कितनी बार मतदाता सूची में शामिल रहा है.
आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल इस आधार पर किसी मतदाता के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत मामला दर्ज नहीं किया जाएगा कि उसका नाम पहले भी मतदाता सूची में था और उसने दोबारा फॉर्म-6 भर दिया, हालांकि, इसके लिए एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी गई है। आवेदक का नाम किसी दूसरी लोकसभा या विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से दर्ज नहीं होना चाहिए.
चुनाव आयोग का यह स्पष्टीकरण दिल्ली हाईकोर्ट के 14 अक्टूबर 2026 के फैसले के अनुरूप है. निलोत्पल दत्ता बनाम चुनाव आयोग मामले में अदालत ने कहा था कि पहले से मतदाता रह चुके व्यक्ति का फॉर्म-6 भरना अपने आप में झूठी घोषणा नहीं है. अदालत ने मतदाताओं की इस आशंका को भी गलत माना था कि ऐसा करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है.
आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिया है कि इस स्पष्टीकरण का स्थानीय भाषाओं में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जानकारी के अभाव या कानूनी कार्रवाई के डर से कोई भी पात्र मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने से वंचित न रह जाए.


