उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने हाल ही में गाजीपुर में विभिन्न राजनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर तीखा पलटवार किया जिसमें उन्होंने हिजाब पहनने वाली महिला के प्रधानमंत्री बनने की बात कही थी। इसके साथ ही, जायसवाल ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसकी ‘चुनिंदा चुप्पी’ पर सवाल उठाए।
उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की कार्यशैली पर हमला बोलते हुए कहा कि यह स्पष्ट है कि विपक्ष की पार्टियां किसी और शक्ति द्वारा संचालित हो रही हैं। उन्होंने केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर के बयान का समर्थन करते हुए अपनी बात रखी।
जायसवाल ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी संवेदनशीलता धर्म देखकर जागती है। उन्होंने इस विरोधाभास को स्पष्ट करते हुए कहा, “जब बांग्लादेश में हिंदुओं को मारा जाता है तो ये (विपक्ष) बिल्कुल नहीं बोलते, लेकिन जब गाजा में मुसलमानों की मौत होती है तो ये तुरंत मुखर हो जाते हैं। यह उनकी दोहरी नीति दिखाता है कि वे इस्लाम में आस्था रखने वालों के अपराधों के खिलाफ क्यों नहीं बोलते।”
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा दिए गए बयान कि ‘हिजाब पहनने वाली महिला देश की प्रधानमंत्री बनेगी’ पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने इसे केवल एक हवाई कल्पना बताया। जायसवाल ने तंज कसते हुए कहा, “यह बयान ‘मुंगेरी लाल के हसीन सपनों’ जैसा है।”
उन्होंने एक महत्वपूर्ण धार्मिक मांग उठाते हुए यह भी कहा कि अयोध्या, काशी (वाराणसी) और मथुरा जैसे सभी आस्थावान और पवित्र शहरों को पूरी तरह से मांसाहार से मुक्त घोषित किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर बात करते हुए, राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने हाल ही में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह एक शानदार ऑपरेशन था जिसमें आतंकवादियों को सफलतापूर्वक नष्ट किया गया। जायसवाल ने दावा किया कि इस ऑपरेशन की ताकत इतनी जबरदस्त थी कि अब पाकिस्तान भी यह स्वीकार कर रहा है कि उस पर एक दमदार हमला हुआ था।
राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल के इन बयानों से स्पष्ट है कि भाजपा नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा, धार्मिक आस्था के केंद्रों की शुचिता और विपक्ष की नीतियों पर हमला करने को लेकर लगातार आक्रामक रुख बनाए हुए है।









