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योगी सरकार का बड़ा फैसला: औरैया में अब नक्शा पास कराने के लिए सोलर रूफटॉप और रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में आवासीय भवनों के लिए अनिवार्य सोलर रूफटॉप सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की नई योजना।

उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में, औरैया जनपद ने प्रदेश के लिए एक अनूठा मॉडल पेश किया है। हालिया रणनीतिक निर्णय के तहत, अब औरैया में नए आवासीय भवनों का नक्शा पास कराने के लिए सोलर रूफटॉप सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह दूरदर्शी पहल न सिर्फ बिजली बचाएगी, बल्कि पर्यावरण व जल संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

राज्य सरकार प्रदेश में ग्रीन एनर्जी और सतत विकास को गति देने के लिए निरंतर नवाचार कर रही है। औरैया द्वारा अपनाया गया यह मॉडल अब अन्य जनपदों के लिए भी अनुकरणीय बताया जा रहा है।

कैसे लागू होगा औरैया मॉडल?

1. अनिवार्यता का विस्तार: इस व्यवस्था को लागू करने के लिए संबंधित नगर पालिकाएं, नगर निगम एवं नगर पंचायतें अपनी बोर्ड बैठकों में प्रस्ताव पारित करेंगी। नक्शा स्वीकृति के बाद, भवन निर्माण में सोलर पैनल और वर्षा जल संचयन प्रणाली (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) का क्रियान्वयन अनिवार्य होगा।

2. उद्देश्य: इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहरी व ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देना और स्वच्छ ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) के दायरे को व्यापक करना है। राज्य सरकार का मानना है कि सभी जनपदों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नीतिगत निर्णय लेकर आवासीय सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना चाहिए।

स्वच्छ ऊर्जा में उत्तर प्रदेश की प्रगति

उत्तर प्रदेश रूफटॉप सोलर पैनल सिस्टम के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में कुल 1191.64 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जिसके कई बड़े फायदे हुए हैं:

कार्बनमुक्त ऊर्जा: इन सिस्टम्स से प्रतिदिन लगभग 50 लाख यूनिट कार्बनमुक्त बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों में उल्लेखनीय कमी आई है।

आर्थिक लाभ: आम नागरिकों को प्रतिदिन औसतन लगभग 3.25 करोड़ रुपये की बिजली बचत का सीधा लाभ मिल रहा है।

रोजगार सृजन और भूमि संरक्षण: इस पहल से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है, लगभग 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष तथा लाखों लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त, सोलर रूफटॉप मॉडल के कारण लगभग 4500 एकड़ भूमि का संरक्षण संभव हो सका है, जिसे अब अन्य विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।

योगी सरकार का मानना है कि औरैया का यह मॉडल प्रदेश के अन्य जनपदों में भी सफलतापूर्वक लागू होने से उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा और हरित भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

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