डिजिटल भुगतान के सबसे लोकप्रिय माध्यम यूपीआई (UPI) को लेकर एक बड़ी बात सामने आई है। नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NCPI) ने स्पष्ट कर दिया है कि यूपीआई पेमेंट पर कितना चार्ज वसूला जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग ट्रांजैक्शन और मर्चेंट भुगतानों के लिए शुल्क तय किया गया है। कुछ मामलों में यह चार्ज 5 रुपये तक हो सकता है, तो वहीं कुछ भुगतानों के लिए यह मात्र 0.4 प्रतिशत तक सीमित है।
इस नियम के आने से आम यूजर्स को यह समझने में आसानी होगी कि किस तरह के डिजिटल लेनदेन पर कितना अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। हालांकि, रोजमर्रा के सामान्य यूपीआई ट्रांसफर पर इसका क्या असर होगा, इसकी पूरी तस्वीर साफ हो गई है।