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अमेरिका ने जारी किया नया नक्शा: PoK और अक्साई चिन को बताया भारत का हिस्सा, चीन-पाकिस्तान को बड़ा झटका

पाकिस्तान और चीन को अमेरिका ने दिया बड़ा झटका

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के बाद एक बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका ने हाल ही में एक ऐसा नक्शा जारी किया है, जिसने पाकिस्तान और चीन दोनों को एक साथ झटका दिया है। इस नक्शे में अमेरिका ने जम्मू-कश्मीर के पूरे इलाके, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और लद्दाख के अक्साई चिन को पूरी तरह से भारत का अभिन्न अंग माना है। इस कदम को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की क्षेत्रीय अखंडता को अमेरिका की तरफ से पहली खुली मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जारी यह नक्शा दिखाता है कि अमेरिका अब भारत की सीमाओं और क्षेत्रीय अखंडता को खुलकर मान्यता दे रहा है। यह नक्शा भारत की उस लंबे समय से चली आ रही स्थिति पर अमेरिका की स्पष्ट मुहर के तौर पर देखा जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उसके अभिन्न अंग हैं। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति को और मजबूती मिली है।

यह नक्शा पाकिस्तान और चीन के लिए विशेष रूप से बड़ा कूटनीतिक झटका है, जिनके क्षेत्रीय दावों को अमेरिका ने सीधे तौर पर खारिज कर दिया है:

पाकिस्तान के दावों को चुनौती: पाकिस्तान वर्षों से PoK और लद्दाख के कुछ हिस्सों को अपना बताता रहा है। यहां तक कि 2020 में उसने एक राजनीतिक नक्शा जारी कर भारतीय क्षेत्रों पर दावा किया था, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया था। अमेरिका के इस नए नक्शे ने पाकिस्तान के उन दावों को काफी कमजोर कर दिया है।

चीन के लिए कूटनीतिक हार: चीन भी लंबे समय से अक्साई चिन और अरुणाचल प्रदेश पर दावा करता रहा है। 2023 में चीन ने अपने ‘स्टैंडर्ड मैप’ में अरुणाचल को ‘दक्षिण तिब्बत’ बताकर विवाद पैदा किया था। भारत ने तब स्पष्ट किया था कि नक्शे बनाने से हकीकत नहीं बदलती। अब अमेरिका के इस नक्शे ने चीन के क्षेत्रीय दावों को सीधी चुनौती दी है, जिसे राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए कूटनीतिक झटका माना जा रहा है।

जानकारों का मानना है कि अमेरिका की ओर से पहली बार इतनी साफ भाषा में भारत की क्षेत्रीय अखंडता को स्वीकार किया गया है। यह भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत है, जो दुनिया को यह साफ संदेश देती है कि अमेरिका भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय दावों के साथ मजबूती से खड़ा है।