उत्तर प्रदेश की वाराणसी पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। कैंट थाना पुलिस ने एक अंतरजनपदीय टप्पेबाज को गिरफ्तार किया है, जो एटीएम मशीनों में छेड़छाड़ कर लोगों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ करता था। यह शातिर अपराधी एटीएम के कैश आउटलेट में प्लास्टिक स्ट्रिप फंसाकर धोखाधड़ी करता था।
यह गिरफ्तारी हाल ही में नदेसर स्थित एसबीआई एटीएम में हुई एक संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर हुई। Hitachi कंपनी में कार्यरत सत्येंद्र शर्मा ने एक व्यक्ति को एटीएम के साथ छेड़छाड़ करते देखा और तुरंत इसकी जानकारी कैंट पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी को रंगे हाथों धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भदोही जनपद के सागरपुर (थाना सुरवावा) निवासी मोहनलाल विश्वकर्मा (40 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी का 9 मुकदमों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी मोहनलाल विश्वकर्मा ने एटीएम से चोरी करने के अपने शातिर तरीके का खुलासा किया, जिसे ‘स्ट्रिपिंग फ्रॉड’ कहा जाता है:
वह ग्राहक के पैसे निकालने से पहले एटीएम मशीन के कैश आउटलेट (जहां से नोट बाहर निकलते हैं) में सावधानी से प्लास्टिक की एक पतली स्ट्रिप फंसा देता था।
जब कोई ग्राहक पैसे निकालने का प्रयास करता था, तो नोट स्ट्रिप में फंसकर बाहर नहीं आ पाते थे।
ग्राहक यह समझकर कि एटीएम मशीन खराब है, वहां से चला जाता था। इसके बाद, आरोपी मोहनलाल विश्वकर्मा मौका देखकर स्ट्रिप हटाता था और उसमें फंसी नकदी लेकर फरार हो जाता था।
थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्र, हेड कांस्टेबल बृजेश यादव और अन्य पुलिसकर्मियों की टीम ने इस सफल गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई है। पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक नेटवर्क और अन्य संभावित वारदातों की गहन जांच कर रही है।
इस गिरफ्तारी के बाद वाराणसी पुलिस ने एटीएम फ्रॉड करने वाले गिरोहों को कड़ा संदेश दिया है और आम जनता से अपील की है कि वे एटीएम का उपयोग करते समय हमेशा सतर्क रहें।









