मां गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में वाराणसी में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। हाल ही में, अस्सी घाट से लेकर तुलसी घाट तक एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), नगर निगम, और सृजन सामाजिक विकास न्यास ने संयुक्त रूप से भागीदारी की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी और घाटों से भारी मात्रा में कचरा, फूल-मालाएं और विसर्जित पूजा सामग्री को हटाना था।
यह स्वच्छता महाअभियान सृजन सामाजिक विकास न्यास एवं गंगा हरितमा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। अभियान का नेतृत्व गंगा हरितमा के ब्रांड एंबेसडर अनिल सिंह, 95वीं बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के द्वितीय कमान अधिकारी राजेश कुमार सिंह और नगर निगम के मुख्य खाद्य एवं सफाई अधिकारी आनंद कुमार ने किया।
95वीं बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने इस अभियान में सक्रिय भागीदारी दिखाई। जवानों ने घाटों की सफाई के साथ-साथ आमजन और श्रद्धालुओं को गंगा को स्वच्छ बनाए रखने की शपथ भी दिलाई। अभियान के दौरान स्वयंसेवकों और कर्मचारियों ने विशेष रूप से गंगा में प्रवाहित की गई मूर्तियों, कपड़ों और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालकर सुरक्षित ढंग से उनका निस्तारण सुनिश्चित किया।
इस अवसर पर गंगा हरितमा के ब्रांड एंबेसडर अनिल सिंह ने स्वच्छता को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक संस्था या विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास और सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई रखें, क्योंकि गंदगी के कारण अनेक प्रकार की संक्रामक और गंभीर बीमारियां फैलती हैं। उन्होंने आगे बताया कि मां गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल प्रदान करने के उद्देश्य से इस तरह के स्वच्छता अभियान लगातार वाराणसी के विभिन्न घाटों पर चलाए जा रहे हैं।
नगर निगम के अधिकारियों ने भी नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि आम नागरिक जागरूक होकर कूड़ा निर्धारित स्थानों पर डालें और पूजा सामग्री को सीधे नदी में प्रवाहित न करें, तो गंगा की स्वच्छता बनाए रखना काफी आसान हो सकता है।
गंगा को निर्मल और स्वच्छ बनाए रखने के लिए सरकारी विभागों और सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ आम जनमानस की जागरूकता और भागीदारी अनिवार्य है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है।









