Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

वाराणसी की दालमंडी में ऐतिहासिक ध्वस्तीकरण जारी, 181 भवनों पर कार्रवाई; किराएदारों की बढ़ी चिंता

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में विकास परियोजनाओं के तहत ऐतिहासिक दालमंडी बाजार का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। यह क्षेत्र पूरे पूर्वांचल का प्रमुख व्यापारिक केंद्र माना जाता है, लेकिन सड़क चौड़ीकरण की योजना के चलते यहां बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन के सख्त अल्टीमेटम के बावजूद, कई दुकानदार अभी भी अपनी दुकानों को खाली करने को तैयार नहीं हैं, जिसके कारण तनाव का माहौल बना हुआ है।

यह ध्वस्तीकरण अभियान 17.4 मीटर चौड़ी सड़क बनाने की महत्वाकांक्षी परियोजना का हिस्सा है। इस योजना के तहत कुल 181 भवनों और 6 मस्जिदों को चिन्हित किया गया है। वर्तमान स्थिति यह है कि जिन इमारतों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रशासन द्वारा पूरी की जा चुकी है, उन्हें तोड़ने का कार्य जारी है। मैनुअल ध्वस्तीकरण के बाद बुलडोजर की एंट्रीदालमंडी की गलियां बेहद संकरी हैं, जिस कारण फिलहाल वहां बुलडोजर का इस्तेमाल मुश्किल हो रहा है। इसलिए पिछले तीन दिनों से चार मंजिला इमारतों को हथौड़ों की मदद से मैन्युअल रूप से तोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पर्याप्त जगह बनने के बाद ही दालमंडी में पहली बार बुलडोजर की एंट्री होगी। बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र की कुछ दुकानें बंद हैं, लेकिन अंदर की अन्य दुकानें अभी भी संचालित हो रही हैं।किराएदारों की अनदेखी का आरोपइस कार्रवाई के बीच सबसे बड़ी मार किराएदारों पर पड़ रही है। दुकानदारों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें कोई नई दुकान या बैकअप व्यवस्था प्रदान नहीं की गई है। उनका कहना है कि सरकार और मकान मालिकों को तो उनका भुगतान मिल चुका है, लेकिन किराएदारों की आर्थिक और व्यावसायिक समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ गया है।

सड़क चौड़ीकरण की इस परियोजना के कारण, दालमंडी का यह सदियों पुराना व्यापारिक केंद्र आने वाले कुछ महीनों में एक नए और आधुनिक स्वरूप में बदल जाएगा, जिससे क्षेत्र में यातायात की समस्या में सुधार आने की उम्मीद है।

संबंधित खबरें