उत्तर प्रदेश के वाराणसी में अपहरण और दुष्कर्म के एक हाई-प्रोफाइल मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) ने आरोपित को बड़ी राहत दी है। मेला दिखाने के बहाने युवती को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दशनीपुर निवासी मोहित कुमार उर्फ पतालु को अदालत ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
यह पूरा मामला चोलापुर थाना क्षेत्र से संबंधित है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादिनी (शिकायतकर्ता) साधना देवी ने चोलापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 25 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 2 बजे उनकी पुत्री घर से गायब हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि गांव का ही मोहित कुमार उनकी पुत्री को भगा ले गया है।
युवती की माता ने बताया था कि उनकी पुत्री ने मोबाइल पर फोन करके यह जानकारी दी थी कि मोहित कुमार उसे मेला घुमाने के बहाने लेकर भाग गया है। जब प्रार्थिनी के घर वाले मोहित के घर गए तो वह नहीं मिला, और उसका मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ आ रहा था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और 7 जनवरी 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके बाद पीड़िता को भी बरामद कर लिया गया था।
इस मामले में कानूनी कार्यवाही के दौरान, पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया था कि आरोपित मोहित उसे जबरन भगा ले गया था और आगरा ले जाकर उसके साथ तीन बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए थे। हाल ही में हुई सुनवाई के बाद, फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने आरोपित मोहित कुमार उर्फ पतालु को जमानत दे दी। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, रोहित यादव और संदीप यादव ने मजबूती से अपना पक्ष रखा।
न्यायालय ने आरोपित मोहित कुमार उर्फ पतालु को एक-एक लाख रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद आरोपी को बड़ी राहत मिली है, हालांकि मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी।









