वाराणसी पुलिस ने सिगरा थाना क्षेत्र में हुई एक बड़ी टप्पेबाजी (झपट्टामार) की घटना का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। एसओजी टीम और सिगरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने न सिर्फ चोरी का माल बरामद किया है, बल्कि फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाले आरोपियों की पहचान भी उजागर की है।
सिगरा थाना क्षेत्र में कुछ समय पहले हुई टप्पेबाजी की घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SOG) के साथ मिलकर कार्रवाई शुरू की। सघन जांच और तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस टीम ने दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में चोरी का संपत्ति बरामद हुई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से लगभग 17 लाख रुपये से अधिक मूल्य का पीला धातु (सोना/जेवर) बरामद किया गया है। इसके अतिरिक्त, आरोपियों ने चोरी के माल को बेचकर जो राशि प्राप्त की थी, उसमें से 1,62,000 रुपये नगद भी जब्त किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से दो जाली आधार कार्ड भी बरामद किए हैं।
इस सफल ऑपरेशन के बाद पुलिस आयुक्त (CP) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरफ्तारी में शामिल पूरी टीम को 25,000 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों को एसीपी चेतगंज ने पुलिस लाइन सभागार में मीडिया के सामने प्रस्तुत किया।
पुलिस की इस त्वरित और सफल कार्रवाई से शहर में होने वाली टप्पेबाजी की वारदातों पर लगाम कसने में मदद मिलेगी और अपराधियों के हौसले पस्त होंगे।








