वाराणसी में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि को न्यूनतम करने के लक्ष्य के साथ ‘जीरो फैटैलिटी डिस्ट्रिक्ट’ (ZFD) कार्यक्रम की गहन समीक्षा की गई है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कैंप कार्यालय में यातायात प्रबंधन और दुर्घटना रोकथाम से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की और कई कड़े निर्देश जारी किए हैं।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने समीक्षा बैठक के दौरान बीते वर्षों में हुई सड़क दुर्घटनाओं का विस्तार से विश्लेषण किया। इस विश्लेषण के आधार पर, उन्होंने तत्काल प्रभाव से दुर्घटना संभावित स्थानों, जिन्हें ‘ब्लैक स्पॉट्स’ कहा जाता है, की पहचान कर वहां सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
प्रमुख निर्देश और कार्रवाई का एजेंडा:
पुलिस कमिश्नर ने सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों को हादसों की बड़ी वजह बताया। उन्होंने ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही, सड़क पर वाहन खड़ा कर जाम लगाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।
अधिकारियों को चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स का मौके पर जाकर निरीक्षण करने और जमीनी हकीकत के आधार पर प्रभावी समाधान लागू करने के लिए कहा गया है। चौराहों और मुख्य मार्गों पर फैले अतिक्रमण को तुरंत हटाने और भविष्य में अतिक्रमण दोबारा न हो, इसके लिए एक ठोस एवं स्थायी रणनीति बनाने पर जोर दिया गया है।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने मातहत अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि ट्रैफिक कंट्रोल और ZFD कार्यक्रम के कार्यान्वयन में ढिलाई बरतने वालों पर विभागीय कार्रवाई निश्चित है।
इस समीक्षा बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा सहित यातायात विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। ZFD कार्यक्रम के तहत सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं और आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
वाराणसी प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की निरंतर निगरानी, नियमित समीक्षा और परिणामोन्मुखी कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके और जनहानि को शून्य के स्तर पर लाया जा सके।









