उत्तर प्रदेश विधान परिषद की एक उच्च स्तरीय संसदीय अध्ययन समिति ने हाल ही में बुंदेलखंड के हमीरपुर और महोबा जिलों का दौरा किया। सभापति की अध्यक्षता में आई इस सात सदस्यीय टीम ने जिला अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें क्षेत्र के विकास कार्यों की प्रगति पर गहराई से विचार-विमर्श किया गया।
यह बैठक हमीरपुर के जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अब्दुल कलाम सभागार में आयोजित की गई। विधान परिषद की टीम ने हमीरपुर और महोबा जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। समिति का मुख्य फोकस स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए लिखे गए पत्रों पर प्रशासनिक अमल की जानकारी लेना था। यह सुनिश्चित किया गया कि विकास संबंधी कोई भी महत्वपूर्ण पहल केवल कागजों तक सीमित न रहे।
समीक्षा के दौरान, सभापति ने जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए सैकड़ों पत्रों का गहनता से अध्ययन किया और उन पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली। जिन मामलों में कार्य अपूर्ण पाए गए, उन पर समिति ने कड़ा रुख अपनाया।
समिति ने जिला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधूरे और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर एक महीने के भीतर पूरा किया जाए। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि कार्य पूर्ण होते ही उसकी रिपोर्ट संसदीय अध्ययन समिति को तुरंत भेजी जाए।
संसदीय समिति का यह सख्त निर्देश हमीरपुर और महोबा में विकास परियोजनाओं को गति देने और सरकारी कार्यों में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








