धर्मनगरी वृंदावन अब अपने धार्मिक माहौल के बजाय दबंगई और बढ़ते अपराधों के कारण सुर्खियों में है। हाल ही में, सुनरख मार्ग स्थित एक गेस्ट हाउस में मामूली कहासुनी के बाद कुछ दबंगों ने तीन युवकों को कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा। इस खौफनाक वारदात का वीडियो खुद आरोपियों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
यह पूरा मामला सुनरख मार्ग स्थित बाबा गेस्ट हाउस का है। पीड़ित कृष्णा पांडे, भरत पाल और आकाश राघव तीनों ही श्री रीतेश्वर महाराज के यहां सेवादार के रूप में कार्यरत हैं। बताया जाता है कि गेस्ट हाउस में मौजूद रहते हुए आरोपियों से उनकी किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि दबंगों ने तीनों युवकों को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया और लाठी-डंडों से उन्हें तब तक पीटा, जब तक वे गंभीर रूप से घायल नहीं हो गए। पीड़ितों का कहना है कि हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।
घटना की भयावहता तब और बढ़ गई जब हमलावरों ने खौफ पैदा करने के मकसद से इस क्रूर मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में गुस्सा और भय व्याप्त है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। हालांकि, पीड़ितों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि हमले के बाद से उनका एक साथी, आकाश राघव, लापता है और उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों और साथियों ने पुलिस से आकाश की जल्द बरामदगी की मांग की है।
पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत के आधार पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है और घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, इस मामले का मुख्य आरोपी जीतू उर्फ मामा अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। लापता युवक की तलाश और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
वृंदावन जैसी पवित्र नगरी में इस तरह की दबंगई और कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाले तत्वों पर पुलिस कब तक लगाम लगाएगी? पीड़ितों को जल्द न्याय मिले और लापता युवक सकुशल घर लौटे, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।









