ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी, सीजफायर खत्म और हजारों मिसाइलें तैयार, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा।
अमेरिका और ईरान के बीच का भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक और अभूतपूर्व मोड़ पर पहुंच गया है, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी और बेहद आक्रामक सैन्य चेतावनी दी है, ट्रंप ने खुले तौर पर दावा किया है कि अगर ईरानी सरकार ने दुनिया के किसी भी हिस्से में उनकी हत्या करने या ऐसी किसी साजिश को अंजाम देने की कोशिश की, तो अमेरिका इसका तत्काल और भयानक जवाब देगा, अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, अमेरिका की 1000 मिसाइलें पहले से ही इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की ओर निशाना साधे (लॉक एंड लॉडेड) तैयार खड़ी हैं और जरूरत पड़ने पर हजारों अन्य मिसाइलों को भी तुरंत मोर्चे पर तैनात कर दिया जाएगा, उन्होंने साफ किया कि अमेरिकी सेना को इस संबंध में पहले ही सख्त आदेश जारी किए जा चुके हैं, अमेरिका के पास इतनी क्षमता और तैयारी है कि वह जरूरत पड़ने पर एक साल या उससे भी अधिक समय तक ईरान के हर हिस्से को पूरी तरह से नामोनिशान मिटा देने वाले हमले कर सकता है।
ईरान का पलटवार: ‘हमें अमेरिका पर जरा भी भरोसा नहीं’
ट्रंप की इस महा-चेतावनी से पहले ईरान की तरफ से भी बेहद सख्त संदेश सामने आया था, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका को दो टूक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा था कि उनका देश किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए मुस्तैद है, इंडोनेशिया की पीपुल्स कंसल्टेटिव असेंबली के स्पीकर अहमद मुजानी से मुलाकात के बाद गालिबाफ ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम पोस्ट में एक बड़ा खुलासा किया, उन्होंने बताया कि हालिया शांति वार्ता के दौरान उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से साफ कह दिया था कि ईरान को अमेरिका की नीयत पर जरा भी भरोसा नहीं है, गालिबाफ के अनुसार, उनकी नजर में केवल वही देश अमेरिका जैसी महाशक्ति से बातचीत की मेज पर बैठ सकता है, जो युद्ध के मैदान में उतरने के लिए चौबीसों घंटे तैयार हो।
जेडी वेंस से कही थी दो टूक बात और रक्षा की पूरी तैयारी
ईरानी संसद के अध्यक्ष ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ हुई बातचीत का ब्योरा देते हुए स्पष्ट किया कि ईरान ने अपने देश की सुरक्षा और संप्रभुता की तैयारी को कभी भी धीमा नहीं पड़ने दिया है, उन्होंने कहा कि जिस क्षण अमेरिका पिछले महीने हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) या किसी भी अन्य द्विपक्षीय समझौते से पीछे हटेगा, ईरान पूर्ण स्तर की रक्षात्मक और आक्रामक कार्रवाई के लिए तैयार खड़ा मिलेगा, उन्होंने दावा किया कि ईरानी सेना पूरी मजबूती से अमेरिकी चुनौती का सामना करेगी और अपनी जनता के अधिकारों व सीमाओं की हर कीमत पर रक्षा करेगी, ईरान के इस कड़े रुख से साफ है कि वह अमेरिकी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं है।
ट्रंप का एलान: दोनों देशों के बीच सीजफायर अब पूरी तरह खत्म
इन दोनों बयानों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक और बड़ा एलान करके दुनिया भर के बाजारों और कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है, ट्रंप ने अपनी पोस्ट में इस बात की पुष्टि की है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने अमेरिका से बातचीत की प्रक्रिया को जारी रखने का औपचारिक अनुरोध किया था, हालांकि अमेरिका इस बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए सहमत हो गया है, लेकिन इसके साथ ही उसने ईरान को बहुत ही स्पष्ट और कड़े शब्दों में संदेश दे दिया है कि दोनों देशों के बीच जो सीजफायर (संघर्षविराम) लागू था, वह अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है, सीजफायर खत्म होने और मिसाइलें तानने के इस एलान के बाद पश्चिम एशिया में एक बड़े पूर्ण-स्तरीय युद्ध की आशंका काफी ज्यादा गहरा गई है।


