लाडकी बहिण योजना में महिलाओं को मिल सकती है बड़ी राहत, केंद्र समिति ने राशि बढ़ाने की सिफारिश की।
महाराष्ट्र की करोड़ों महिलाओं के लिए एक बहुत ही अच्छी और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पिछले कुछ समय से बजट की तंगी और ई-केवाईसी (e-KYC) के बाद अपात्र लाभार्थियों के नाम काटे जाने की खबरों के बीच, अब इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर केंद्र सरकार के स्तर पर एक बड़ा और सकारात्मक फैसला देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार की आर्थिक सलाहकार समिति ने मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना की न सिर्फ जमकर सराहना की है, बल्कि इसमें मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि को और बढ़ाने की भी सिफारिश की है। वर्तमान में इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय मदद दी जा रही है, जिसे अब आगे चलकर बढ़ाया जा सकता है。
केंद्र सरकार की समिति ने की योजना की सराहना, अध्ययन में हुआ बड़ा खुलासा
हाल ही में मंगलवार, 7 जुलाई को केंद्र सरकार की एक विशेष आर्थिक समिति ने महाराष्ट्र की ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ और ओडिशा की ‘सुभद्रा योजना’ का जमीनी स्तर पर गहन अध्ययन किया। समिति के इस अध्ययन और समीक्षा में बेहद सकारात्मक और चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं:
- जीवन स्तर में सुधार: समिति के अध्ययन के मुताबिक, महिलाओं को मिल रही इस सरकारी आर्थिक मदद से उनके दैनिक जीवन स्तर और सामाजिक स्थिति में काफी बड़ा और गुणात्मक सुधार आया है।
- पैसों का सही इस्तेमाल: रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि महिलाओं ने इस मिली राशि का कोई दुरुपयोग या फिजूलखर्ची नहीं की है।
- बच्चों की शिक्षा पर खर्च: लाभार्थी महिलाओं ने इस पैसे का उपयोग अपने बच्चों और विशेषकर बेटियों की पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में किया है।
- पारिवारिक जरूरतें: यह राशि उनके घर की छोटी-मोटी और बेहद अहम पारिवारिक जरूरतों को समय पर पूरा करने के काम आ रही है।
समिति ने क्यों की पैसा बढ़ाने की सिफारिश?
शिवसेना एमएलसी नीलम गोर्हे के मुताबिक, कई महिलाओं ने इस आर्थिक सहायता में से भविष्य के लिए छोटी-छोटी बचत (Savings) करना भी शुरू कर दिया है। इसे देखते हुए समिति ने सुझाव दिया है कि देश में बढ़ती महंगाई के अनुपात को ध्यान में रखते हुए इस योजना की मासिक राशि में बढ़ोतरी की जानी चाहिए।
शिवसेना की ही एक अन्य वरिष्ठ नेता मनीषा कायनाडे ने भी इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है कि केंद्र सरकार ने योजना के मॉडल को बहुत सराहा है और इसके तहत मिलने वाले पैसों को बढ़ाने की बात कही है। यदि आगे चलकर केंद्र सरकार भी इस योजना में अपना वित्तीय योगदान (Financial Contribution) देती है, तो निश्चित रूप से महिलाओं को मिलने वाली राशि में बड़ी वृद्धि होगी। गौरतलब है कि महाराष्ट्र की महायुति सरकार पहले ही इस मासिक राशि को 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये प्रति महीना तक करने का इरादा जता चुकी है।
कब आएगी लाडकी बहिण योजना की जून और जुलाई महीने की किस्त?
इस बड़े अपडेट के बीच, महाराष्ट्र की लाखों पात्र महिलाएं बेसब्री से अपने खाते में जून और जुलाई महीने की रुकी हुई किस्तों का इंतजार कर रही हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, योजना की पिछली किस्त महिलाओं के बैंक खातों में 15 मई के आसपास ट्रांसफर की गई थी।
चूंकि जून की किस्त में थोड़ा विलंब हुआ है, इसलिए मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार इस बात की पूरी और प्रबल संभावना जताई जा रही है कि 15 जुलाई 2026 तक सरकार जून और जुलाई दोनों महीनों की किस्तें (यानी कुल 3,000 रुपये) एक साथ महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेज सकती है। हालांकि, राज्य सरकार या महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की तरफ से अभी तक इस तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा या शासनादेश जारी नहीं किया गया है।
e-KYC के बाद सूची से कट चुके हैं लाखों अपात्र नाम
लाडकी बहिण योजना के क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, फर्जी आवेदनों और बैंक विसंगतियों की शिकायतें मिलने के बाद, महाराष्ट्र सरकार ने सभी लाभार्थियों के लिए e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) को अनिवार्य कर दिया था। इसके सत्यापन के लिए सरकार द्वारा 30 अप्रैल 2026 की अंतिम समयसीमा (Deadline) निर्धारित की गई थी। यह समयसीमा समाप्त होने के बाद, जिन लोगों ने अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं कराया था या जो जांच में अपात्र पाए गए, उनके नाम लाभार्थी सूची से बड़े पैमाने पर हटा दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल बेहद जरूरतमंद और वास्तविक पात्र महिलाओं को ही मिले।
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