राजस्थान सरकार ने किसानों को राहत देते हुए फार्म पॉन्ड (खेत तलाई) और सिंचाई पाइपलाइन अनुदान योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
राजस्थान सरकार ने किसानों को राहत देते हुए फार्म पॉन्ड (खेत तलाई) और सिंचाई पाइपलाइन अनुदान योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू नई व्यवस्था के तहत अब किसानों को अनुदान पाने के लिए कृषि विभाग में पंजीकृत (रजिस्टर्ड) फर्म से ही सामग्री खरीदने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। अब किसान किसी भी BIS (Bureau of Indian Standards) प्रमाणित निर्माता, अधिकृत विक्रेता या डीलर से प्लास्टिक लाइनिंग शीट और सिंचाई पाइप खरीद सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध होंगे और खरीदारी के विकल्प भी बढ़ेंगे।
किसानों को मिलेगा खरीदारी का ज्यादा विकल्प
नई व्यवस्था के तहत किसान अब अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी BIS प्रमाणित कंपनी या अधिकृत डीलर से सामग्री खरीद सकते हैं। इससे पहले किसानों को केवल कृषि विभाग में पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदारी करनी पड़ती थी, जिससे विकल्प सीमित हो जाते थे। नए नियम लागू होने के बाद किसानों को बेहतर गुणवत्ता और उचित कीमत पर सामग्री मिलने की संभावना बढ़ेगी।
अनुदान पाने के लिए इन शर्तों का करना होगा पालन
कृषि विभाग के अनुसार अनुदान का लाभ लेने के लिए किसानों को खरीदारी से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें वैध BIS लाइसेंस, CML नंबर, GST बिल, स्टॉक एंट्री की प्रति और किसान व निर्माता/डीलर के बीच 500 रुपये के स्टांप पेपर पर किया गया अनुबंध शामिल होगा। इसके अलावा खरीदी गई सामग्री पर चालू वित्तीय वर्ष का निर्माण वर्ष अंकित होना भी अनिवार्य रहेगा।
BIS CARE ऐप से होगी गुणवत्ता की जांच
नई व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कृषि विभाग ने BIS CARE App के जरिए उत्पादों की गुणवत्ता जांचने का निर्णय लिया है। भौतिक सत्यापन के दौरान कृषि पर्यवेक्षक और संबंधित अधिकारी CML नंबर के माध्यम से लाइसेंस की पुष्टि करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर BIS के ऑनलाइन पोर्टल से भी सत्यापन किया जाएगा। इससे नकली और निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
फार्म पॉन्ड पर मिलेगा 90 प्रतिशत तक अनुदान
राज्य सरकार जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फार्म पॉन्ड निर्माण पर आकर्षक सब्सिडी दे रही है।
- अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), लघु एवं सीमांत किसानों को प्लास्टिक लाइनिंग वाले फार्म पॉन्ड पर 90% तक अनुदान (अधिकतम ₹1.35 लाख) मिलेगा।
- सामान्य वर्ग के किसानों को 80% तक अनुदान (अधिकतम ₹1 लाख) दिया जाएगा।
- कच्चे फार्म पॉन्ड पर भी श्रेणी के अनुसार 60 से 70 प्रतिशत तक सहायता उपलब्ध रहेगी।
सिंचाई पाइपलाइन पर भी मिलेगी सब्सिडी
राज्य सरकार HDPE और PVC सिंचाई पाइपलाइन लगाने पर भी किसानों को वित्तीय सहायता दे रही है। इस योजना के तहत लागत का 50 से 60 प्रतिशत या अधिकतम 15,000 रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कृषि योग्य भूमि और सिंचाई के लिए पंपसेट होना आवश्यक है।
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आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी?
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान राज किसान साथी पोर्टल या नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक होंगे—
- जन आधार कार्ड
- आधार कार्ड
- छह माह से अधिक पुरानी न होने वाली जमाबंदी
- खेत का नक्शा
- बैंक खाते का विवरण
- अन्य आवश्यक दस्तावेज (योजना के अनुसार)
जल संरक्षण के साथ बढ़ेगी किसानों की आय
कृषि विभाग का कहना है कि बदलते मौसम, घटते भूजल स्तर और अनिश्चित बारिश के दौर में फार्म पॉन्ड किसानों के लिए सुरक्षा कवच साबित होंगे। खेतों में वर्षा जल का संरक्षण होने से सिंचाई आसान होगी, भूजल पर निर्भरता कम होगी, खेती की लागत घटेगी और उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। सरकार का उद्देश्य जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों को आधुनिक सिंचाई सुविधाओं से जोड़कर खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।


