नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ‘चलो संसद’ मार्च के 48 घंटे के भीतर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ राजधानी के पांच अलग-अलग थानों में 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें कनॉट प्लेस (CP) इलाके में RAF जवान पर कथित हमले से जुड़ा मामला भी शामिल है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित होने, सरकारी काम में बाधा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षा बलों पर कथित हमलों से जुड़े मामलों में ये एफआईआर दर्ज की गई हैं। सभी मामलों की जांच जारी है।
इन थानों में दर्ज हुईं FIR
दिल्ली पुलिस के मुताबिक अब तक ये एफआईआर निम्नलिखित थानों में दर्ज की गई हैं—
- संसद मार्ग थाना – 4 FIR
- कनॉट प्लेस (CP) थाना – 3 FIR
- मंदिर मार्ग थाना – 1 FIR
- बाराखंभा रोड थाना – 1 FIR
- कर्तव्य पथ थाना – 1 FIR
- RAF जवान पर हमले का भी मामला दर्ज
मंगलवार को कनॉट प्लेस क्षेत्र में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान पर कथित हमले के मामले में भी अलग से एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है।
बाराखंभा थाने में इन धाराओं के तहत केस
बाराखंभा रोड थाने में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- धारा 223 – लोक सेवक के कर्तव्य में बाधा डालना
- धारा 221 – सरकारी आदेश की अवज्ञा
- धारा 132 – लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
- धारा 121(1) और 121(2) – गैरकानूनी जमावड़े के दौरान लोक सेवकों को चोट पहुंचाना
- धारा 189(3) – गैरकानूनी सभा का सदस्य बने रहना
- धारा 190 – गैरकानूनी सभा द्वारा किए गए अपराध की सामूहिक जिम्मेदारी
- धारा 191(2) – घातक हथियार या खतरनाक साधन के साथ दंगा
- धारा 192 – दंगा भड़काने के लिए उकसाना
- धारा 195(1) – लोक सेवक के कार्य में बलपूर्वक बाधा डालना
- धारा 109 – हत्या के प्रयास का आरोप
- धारा 324(5) – सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना
इसके अलावा सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम (PDPP Act) की धारा 3 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
जांच जारी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान हुई सभी घटनाओं की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।