अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में दान राशि की गिनती को लेकर बड़ा फैसला लिया है। हाल ही में सामने आए कथित दान चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट ने नकदी गणना की पूरी व्यवस्था में बदलाव करते हुए निजी एजेंसी के कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। अब श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई नकदी की गिनती भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नियमित और स्थायी कर्मचारी ही करेंगे।
दान प्रबंधन में बढ़ेगी पारदर्शिता
ट्रस्ट के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य दान राशि की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही को और अधिक मजबूत करना है। नई व्यवस्था के तहत नकदी की गिनती पूरी तरह SBI की निगरानी में होगी। बैंक के प्रशिक्षित कर्मचारी तय प्रक्रिया के अनुसार नकदी की गणना करेंगे और इसके बाद राशि को सुरक्षित बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से जमा कराया जाएगा।
दान चोरी के मामले के बाद लिया गया फैसला
हाल ही में राम मंदिर में दान की गिनती के दौरान कथित नकदी हेराफेरी का मामला सामने आया था। जांच में कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू की थी। इस घटना के बाद दान प्रबंधन व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे थे।
इसी के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने SBI के साथ विचार-विमर्श कर नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अनियमितता की संभावना को खत्म किया जा सके।
दो शिफ्ट में होगी नकदी की गिनती
नई व्यवस्था के तहत दान राशि की गिनती दो शिफ्टों में की जाएगी। प्रत्येक चरण की निगरानी SBI के अधिकृत अधिकारी करेंगे। पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे हर लेन-देन का स्पष्ट विवरण उपलब्ध रहेगा और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत जांच की जा सकेगी।
श्रद्धालुओं का भरोसा मजबूत करने की कोशिश
राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां नकद दान, आभूषण और अन्य भेंट अर्पित करते हैं। ऐसे में ट्रस्ट का मानना है कि SBI के स्थायी कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी सौंपने से दान प्रबंधन व्यवस्था अधिक विश्वसनीय बनेगी, श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा तथा भविष्य में वित्तीय अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।