नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले में अब आरोपियों पर शिकंजा और कसने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने इस मामले में हाल ही में लागू सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत कार्रवाई करने का फैसला किया है। दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए संबंधित राज्यों और हाईकोर्ट को फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
पीएम मोदी का बड़ा ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान करते हुए कहा कि ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाएंगी। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए और कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा उससे खिलवाड़ करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी।
चार राज्यों में स्थापित होंगी फास्ट ट्रैक अदालतें
सूत्रों के अनुसार, NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों की रोजाना सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाएंगी। फिलहाल इस नए कानून के तहत चार मामले दर्ज किए गए हैं। इनकी सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर विशेष अदालतें स्थापित करने का प्रस्ताव है। इनमें से दो मामले अकेले बॉम्बे हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
जल्द चार्जशीट दाखिल करेगी CBI
सीबीआई NEET पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 13 आरोपियों के खिलाफ जल्द ही चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि उसने आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटा लिए हैं और जल्द अदालत में आरोपपत्र पेश किया जाएगा।
क्या है नया नकल विरोधी कानून?
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को केंद्र सरकार ने 21 जून 2024 को लागू किया था। इस कानून का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनियमितताओं पर रोक लगाना है। चूंकि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं इस कानून के दायरे में आती हैं, इसलिए NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई भी इसी अधिनियम के तहत होगी।
किन परीक्षाओं पर लागू होता है कानून?
यह कानून केवल NTA की परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। इसके दायरे में कई प्रमुख भर्ती और प्रवेश परीक्षाएं भी आती हैं, जिनमें शामिल हैं—
- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)
- कर्मचारी चयन आयोग (SSC)
- रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB)
- बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS)
- केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और अधीनस्थ कार्यालयों की भर्ती परीक्षाएं
- केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य सार्वजनिक परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाएं
सरकार का मानना है कि इस कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था से पेपर लीक जैसे मामलों में तेजी से सुनवाई होगी और दोषियों को जल्द सजा दिलाई जा सकेगी।