महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि उसने अपने साथी सोनू सिंह के साथ मिलकर प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों को पैसे और संपत्ति का लालच देकर प्रश्नपत्र हासिल किया था।
पुलिस के अनुसार, लीक किया गया प्रश्नपत्र जूते में छिपाकर प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकाला गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि पेपर करीब 8 हजार रुपये में हासिल किया गया था, जबकि बाद में इसे महाराष्ट्र के भिवंडी और पुणे समेत कई जगहों पर करोड़ों रुपये में बेचने की साजिश रची गई। इस रैकेट का खुलासा तब हुआ जब भिवंडी पुलिस ने खरीदार बनकर आरोपियों तक पहुंच बनाई। मामले में अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
बिहार से गिरफ्तार कर भिवंडी लाया जा रहा आरोपी
भिवंडी पुलिस ने बिजेंद्र कुमार गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर पुणे एयरपोर्ट तक लाया है। वहां से उसे कड़ी सुरक्षा के बीच भिवंडी लाया जा रहा है, जहां उससे आगे की पूछताछ की जाएगी।
कपिल दहिया समेत कई आरोपी गिरफ्तार
महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने कपिल दहिया समेत तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। कपिल दहिया पर आरोप है कि वह भिवंडी के कोंगांव इलाके में लीक प्रश्नपत्र के खरीदार तलाश रहा था। पुलिस के अनुसार, उसे पंजाब के पठानकोट से गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया जा चुका था।
फरारी में मदद करने वालों पर भी कार्रवाई
पुलिस ने बिजेंद्र गुप्ता की फरारी में मदद करने के आरोप में सोनू सिंह और मिथुन सिंह को भी गिरफ्तार किया है।
- सोनू सिंह, जो बिहार के हाजीपुर में फोटोकॉपी की दुकान चलाता है, पर फर्जी पहचान पत्र बनाने, लीक प्रश्नपत्र प्रिंट करने और उसकी कई प्रतियां निकालने का आरोप है।
- मिथुन सिंह, जो बिजेंद्र गुप्ता का साला है, पर साजिश में शामिल होने और कपिल दहिया के साथ संभावित खरीदार तलाशने का आरोप है।
पुलिस ने सोनू सिंह की दुकान से बिजेंद्र गुप्ता के फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किए हैं।
9 जुलाई तक पुलिस हिरासत
कपिल दहिया, मिथुन सिंह और सोनू सिंह को अदालत में पेश करने के बाद 9 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले पुलिस बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी समेत चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर चुकी है।
पत्नी पर भी जांच में सहयोग न करने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि सुमन कुमारी फरार पति के संपर्क में थी और एक मैसेजिंग ऐप के जरिए उससे लगातार बातचीत करती रही। जांच एजेंसियों का कहना है कि उसे पेपर लीक की जानकारी भी थी, लेकिन उसने जांच में सहयोग नहीं किया।
ऐसे हुआ था पूरे रैकेट का खुलासा
भिवंडी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग TET का लीक प्रश्नपत्र बेचने वाले हैं। इसके बाद पुलिस ने खरीदार बनकर आरोपियों से संपर्क किया। सौदा तय होने पर कोंगांव के एक होटल में जाल बिछाया गया, जहां धीरज सिंह, आकाश कुमार और राजीव कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी बिजेंद्र गुप्ता कई राज्यों में पेपर लीक मामलों में शामिल रहा है। पुलिस का दावा है कि वह पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुका है और एक हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आ चुका है। हर बार जमानत मिलने के बाद वह नई पहचान के साथ दूसरे राज्यों में सक्रिय हो जाता था।
अब पुलिस पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और अन्य राज्यों तक फैले संभावित कनेक्शन की जांच में जुटी हुई है।