नई दिल्ली: NEET पेपर लीक को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच टीवी एक्ट्रेस और बिग बॉस OTT फेम आकांक्षा पुरी ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें और कई सोशल मीडिया क्रिएटर्स को जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होने और सोशल मीडिया पर पोस्ट व रील्स शेयर करने के लिए पैसों का ऑफर दिया गया था। उनके इस बयान के बाद पूरे मामले को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
आकांक्षा पुरी का दावा- ‘हमें भी किया गया था अप्रोच’
हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान आकांक्षा पुरी ने कहा कि उन्हें और उनके कई कंटेंट क्रिएटर दोस्तों को इस आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए संदेश भेजे गए थे।
उन्होंने कहा, “मुझे और मेरे कई दोस्तों को मैसेज आए। कुछ लोगों ने तो फ्लाइट टिकट भेजने तक की बात कही कि आप दिल्ली आइए और प्रदर्शन का हिस्सा बनिए। इसके बदले हमें पेमेंट ऑफर की गई थी।”
टिकट, होटल और फीस तक की थी पेशकश
आकांक्षा के मुताबिक, सोशल मीडिया मैनेजर्स और एजेंसियों के जरिए सेलेब्रिटीज़ तक पहुंच बनाई जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि सिर्फ एक सोशल मीडिया पोस्ट या रील डालने से लेकर रैली में शामिल होने तक के लिए अलग-अलग बजट तय किए गए थे।
उन्होंने कहा कि आने-जाने की फ्लाइट टिकट, ठहरने की व्यवस्था और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी पेशकश की गई थी।
‘मैं किसी मार्केटिंग कैंपेन का हिस्सा नहीं बनना चाहती’
आकांक्षा पुरी ने कहा कि उन्होंने ऐसे किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उनके मुताबिक, अगर वह ऐसा करतीं तो यह किसी सामाजिक मुद्दे के समर्थन से ज्यादा एक मार्केटिंग अभियान का हिस्सा लगता।
उन्होंने कहा, “जब मैं ऐसे मैसेज देख रही हूं और मेरे मैनेजर के पास इस तरह के कॉल आ रहे हैं, तो मुझे इसका हिस्सा नहीं बनना। मुझे मुद्दे का समर्थन करना है, लेकिन इस तरह नहीं कि उससे पैसे कमाऊं।”
छात्रों के समर्थन में भी आईं नजर
आकांक्षा ने कहा कि उन्हें छात्रों की स्थिति देखकर दुख हुआ। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी बात गंभीरता से सुनी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “जो दृश्य मैंने देखे, वे परेशान करने वाले थे। छात्र अपनी बात रख रहे हैं, इसलिए उनकी मांगों को सुना जाना चाहिए और उन्हें उचित समर्थन मिलना चाहिए।”
जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन
NEET पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। इस आंदोलन के दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहे। हालांकि, सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया, लेकिन छात्रों का प्रदर्शन अब भी जारी है।