दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन अब समाप्त हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी तीनों प्रमुख मांगों पर सहमति जता दी है। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आंदोलन में शामिल सभी छात्रों और युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए उनसे अपने-अपने घर लौटने की अपील की।
सरकार से हुई तीसरे दौर की वार्ता
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ शनिवार को तीसरे दौर की बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि सरकार एक लिखित मसौदा लेकर आई थी, जिसमें आंदोलनकारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। दास के मुताबिक, मंगलवार तक सभी सहमतियों की लिखित गारंटी भी दे दी जाएगी।
किन मांगों पर बनी सहमति?
सौरव दास ने कहा कि सरकार ने छात्रों के लिए ₹1 करोड़ तक के मुआवजे के मुद्दे पर सहमति जताई है। इसके अलावा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार (Exam Reforms) को लेकर भी सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है और सुधारों पर मिलकर काम करने का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि CJP ने अपना डिमांड चार्टर सरकार को सौंप दिया है और अब आंदोलन समाप्त किया जा रहा है।
छात्रों पर नहीं होगी कोई कार्रवाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई नई कार्रवाई नहीं की जाएगी। यदि किसी छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है तो उसे वापस लेने पर भी सहमति बनी है। साथ ही भविष्य में भी इस आंदोलन से जुड़े मामलों में कोई नई कानूनी कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया गया है।
मुआवजे और सुधारों पर सरकार का रुख
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार आंदोलन के दौरान प्रभावित छात्रों के प्रति संवेदनशील है और मुआवजे के मुद्दे पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया गया है। वहीं, परीक्षा सुधारों से जुड़े डिमांड चार्टर का गहन अध्ययन कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
CJP का कहना है कि सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद फिलहाल आंदोलन समाप्त किया जा रहा है और सभी समर्थकों से जंतर-मंतर खाली कर अपने घर लौटने की अपील की गई है।