पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक और विधायक प्रशांत किशोर अब बिहार में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की तैयारी में जुट गए हैं। खबर है कि प्रशांत किशोर 15 सितंबर से बिहार यात्रा पर निकल सकते हैं। इस दौरान वह राज्य के सभी 38 जिलों का दौरा कर जनता से सीधे संवाद करेंगे।
खास बात यह है कि उनकी यह यात्रा ऐसे समय में प्रस्तावित है, जब जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बिहार दौरे की बात कही है। बताया गया था कि नीतीश कुमार अक्टूबर से बिहार यात्रा पर निकल सकते हैं। ऐसे में प्रशांत किशोर का उनसे पहले जनता के बीच पहुंचने का फैसला राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
सभी 38 जिलों में जाएंगे प्रशांत किशोर
बांकीपुर में जीत के बाद जन सुराज पार्टी का फोकस अब पूरे बिहार में संगठन विस्तार पर है। प्रशांत किशोर की प्रस्तावित यात्रा के दौरान गांवों और कस्बों में लोगों से मुलाकात, स्थानीय मुद्दों को उठाने और सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जा रही है।
पार्टी नए सिरे से सदस्यता अभियान शुरू करने की भी तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि यात्रा के जरिए संगठन में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
एक चरण में 6-7 जिलों का दौरा
प्रशांत किशोर की बिहार यात्रा को चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जाने की तैयारी है। एक चरण में करीब 6-7 जिलों को कवर किया जा सकता है। यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण से होने और इसका समापन पटना में किए जाने की संभावना है। हालांकि, यात्रा के कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
आने वाले चुनावों पर नजर
जन सुराज की नजर आगामी चुनावों पर भी है। नवंबर में शिक्षक और स्नातक कोटे की 8 विधान परिषद सीटों पर चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके अलावा परिसीमन के बाद 2027 में पंचायत चुनाव भी होने हैं। ऐसे में पार्टी अभी से जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना चाहती है।
बांकीपुर की जीत से बढ़ा उत्साह
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत के बाद जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा है। पार्टी के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने बीजेपी के गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में बीजेपी उम्मीदवार को 19,324 वोटों के अंतर से हराया।
प्रशांत किशोर इससे पहले भी जन सुराज पदयात्रा और बिहार बदलाव यात्रा के जरिए पूरे बिहार का दौरा कर चुके हैं। हालांकि, विधायक बनने के बाद यह उनकी पहली बड़ी बिहार यात्रा होगी। इसलिए इस दौरे को पार्टी के संगठन विस्तार और आगामी चुनावों की तैयारियों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।