नई दिल्ली: दिल्ली का छात्र बहुल इलाका सत्य निकेतन रविवार को एक दर्दनाक हादसे से दहल उठा। यहां छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला पीजी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के वक्त कई छात्र और अन्य लोग इमारत के अंदर मौजूद थे। मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि राहत और बचाव टीमों ने अब तक 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचीं और अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।
बेसमेंट में चल रहा था रिपेयर का काम
दिल्ली पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला है कि यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें बेसमेंट के अलावा पांच ऊपरी फ्लोर थे और पूरी बिल्डिंग का इस्तेमाल पीजी के तौर पर किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, हादसे के वक्त बेसमेंट में रिपेयर का काम चल रहा था। शुरुआती जांच में बेसमेंट से जुड़े निर्माण या खुदाई को लेकर भी सवाल उठे हैं। पुलिस ने मामले में बिल्डिंग मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि हादसे के बाद अब इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा और निर्माण से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
तीन लोगों की मौत, कई घायल
हादसे में मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, कई घायलों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया है। इनमें से चार घायलों को जेपीएन एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। बचाव अभियान के दौरान कुल 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की जानकारी सामने आई है। मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी रहा।
बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR
हादसे के बाद पुलिस ने बिल्डिंग मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक मालिक की पहचान आनंद बंसल के तौर पर हुई है, जो गुरुग्राम का रहने वाला बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह अपने भाई के साथ मिलकर सत्य निकेतन इलाके में तीन से चार पीजी संचालित करता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बिल्डिंग में निर्माण और मरम्मत से जुड़े काम नियमों के मुताबिक किए जा रहे थे या नहीं।
आसपास की इमारत भी खाली कराई गई
सुरक्षा को देखते हुए ढही हुई इमारत के बगल वाली बिल्डिंग को भी खाली करा दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक आसपास के ढांचे में दरारें और संभावित खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर लोगों को बाहर निकाला गया। प्रशासन की टीम आसपास की इमारतों की स्थिति का भी जायजा ले रही है, ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान किसी तरह का दूसरा हादसा न हो।
अमित शाह ने रद्द किया गोवा दौरा
हादसे की जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दुख व्यक्त किया और अपना गोवा दौरा रद्द कर दिया। उन्हें गोवा के चिम्बेल में बीजेपी के नए प्रदेश कार्यालय भवन का उद्घाटन करना था। अमित शाह ने घटना को लेकर संवेदना व्यक्त करते हुए राहत और बचाव अभियान में जुटी एजेंसियों के प्रयासों की जानकारी ली।
CM रेखा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और राहत एवं बचाव अभियान को तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और अन्य संबंधित एजेंसियों को समन्वय के साथ काम करने को कहा। प्रशासन का प्राथमिक फोकस मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना रहा।
हादसे की वजह पर जांच जारी
इमारत गिरने की असली वजह अभी जांच का विषय है। हालांकि, शुरुआती जानकारी में बेसमेंट में चल रहा काम, निर्माण में संभावित बदलाव और इमारत की पुरानी संरचना जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी एक वजह को हादसे का अंतिम कारण नहीं माना गया है। संबंधित विभाग इमारत के निर्माण, मरम्मत और स्ट्रक्चरल सुरक्षा से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर सकते हैं।
छात्रों का बड़ा हब है सत्य निकेतन
सत्य निकेतन दिल्ली के प्रमुख छात्र इलाकों में शामिल है। यह दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के करीब स्थित है और यहां बड़ी संख्या में छात्र पीजी और हॉस्टल में रहते हैं। इलाके में वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और मैत्रेयी कॉलेज जैसे संस्थान होने की वजह से यहां छात्रों की आवाजाही काफी अधिक रहती है। ऐसे में पीजी इमारत के गिरने की घटना ने इलाके में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने जताया दुख
हादसे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने दुख जताया है। नेताओं ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। विपक्ष की ओर से प्रशासन और संबंधित विभागों की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने हादसे पर दुख जताते हुए पीजी और इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत बताई।
प्रत्यक्षदर्शी छात्रा ने सुनाई हादसे की कहानी
हादसे के बाद एक छात्रा आस्था कुमारी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि उन्हें अचानक इमारत गिरने की तेज आवाज सुनाई दी। इसके बाद इलाके में एंबुलेंस और बचाव दल की आवाजाही शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि सत्य निकेतन में बड़ी संख्या में छात्र पीजी में रहते हैं और ऐसे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। छात्रा ने पीजी इमारतों में पर्याप्त एग्जिट गेट और सुरक्षा इंतजामों की कमी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर पीजी में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं, तो आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए पर्याप्त रास्ते और सुरक्षा इंतजाम होना जरूरी है। फिलहाल प्रशासन की टीमें राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। साथ ही हादसे की वजह और इमारत की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।