नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने के हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में घायल हुए लोगों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही हादसे के पास स्थित एक अन्य इमारत को भी ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
घायलों से मिलने एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं CM
मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सत्य निकेतन हादसे में घायल लोगों का हाल जानने एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं। उन्होंने अस्पताल में घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों की आर्थिक मदद के लिए दिल्ली सरकार के राहत कोष से 5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आसपास की इमारतों की सुरक्षा जांच करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन इमारतों को खतरनाक पाया जाएगा, उन्हें जरूरत के मुताबिक हटाने की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि लोगों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
MCD के अधिकारियों पर भी कार्रवाई
इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। दक्षिण जोन के उपायुक्त राकेश कुमार समेत चार इंजीनियरों को निलंबित किया गया है। इनमें अधीक्षण अभियंता रणबीर सिंह, अधिशासी अभियंता ललित कुमार गोयल, सहायक अभियंता सुनील चौहान और कनिष्ठ अभियंता आशीष कुमार शामिल हैं।
MCD ने पूरी दिल्ली में इमारतों के निरीक्षण का आदेश दिया है। खास तौर पर उन संरचनाओं की जांच की जाएगी, जहां ऊंचाई और मंजिलों की निर्धारित सीमा का उल्लंघन किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को शहर में मौजूद पांच मंजिला ढांचों की भी जांच और जरूरत के मुताबिक सीलिंग की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सत्य निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत
सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे के समय इमारत का इस्तेमाल पेइंग गेस्ट (PG) के तौर पर किया जा रहा था। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ घायल अस्पताल में भर्ती हैं और उनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर इमारत के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब उस ठेकेदार की तलाश कर रही है, जो बेसमेंट में रिसाव की समस्या को दूर करने के लिए मरम्मत का काम करा रहा था।
प्रशासन की ओर से आसपास की इमारतों की सुरक्षा जांच भी तेज कर दी गई है, ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो।