हर साल कन्या संक्रांति के दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन फैक्ट्रियों, कारखानों, दुकानों और कार्यालयों में औजारों, मशीनों तथा वाहनों की पूजा का विशेष विधान है। इस बार लोगों के मन में संशय है कि विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को है या 18 सितंबर को।
पंचांग के अनुसार, कन्या संक्रांति के दिन ही विश्वकर्मा जयंती मनाई जाती है। इस दिन शिल्प और वास्तुकला के देवता भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा की जाती है। श्रमिक वर्ग और व्यापारी इस दिन अपने कामकाज में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
पूजा और खरीदारी के लिए पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस पावन अवसर पर नए औजार, मशीनें, वाहन या अन्य सामान खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। सही समय पर पूजा करने से व्यापार में उन्नति और कार्यों में सफलता मिलती है।