ज्यादा स्क्रीन टाइम का छात्रों की पढ़ाई पर असर, 4 घंटे से अधिक फोन-टीवी देखने वालों के कमजोर होते हैं मैथ्स के आंकड़े

एक नई रिपोर्ट में छात्रों के स्क्रीन टाइम और उनकी शैक्षणिक क्षमता को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक, चार घंटे से ज्यादा स्क्रीन का इस्तेमाल करने वाले बच्चों के गणित में कम अंक आने का पैटर्न देखा गया है।

आज के डिजिटल दौर में बच्चों का स्क्रीन टाइम तेजी से बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है। एक हालिया रिपोर्ट में सामने आया है कि जो छात्र रोजाना चार घंटे से अधिक समय मोबाइल, कंप्यूटर या टीवी स्क्रीन के सामने बिताते हैं, उनका गणित (मैथ्स) कमजोर होता जा रहा है।

रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, अत्यधिक स्क्रीन टाइम और अकादमिक प्रदर्शन के बीच एक गहरा संबंध देखा गया है। जो बच्चे जरूरत से ज्यादा समय डिजिटल उपकरणों पर बिताते हैं, उनका ध्यान पढ़ाई से भटक जाता है। इससे न केवल उनकी एकाग्रता प्रभावित होती है, बल्कि जटिल विषयों को समझने की उनकी क्षमता भी कम हो जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने से बच्चों की याददाश्त और तार्किक क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो गणित जैसे विषय को समझने के लिए बेहद जरूरी हैं। इस रिपोर्ट के जरिए अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित करें ताकि उनके मानसिक विकास और पढ़ाई पर इसका बुरा असर न पड़े।

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