चंडीगढ़: पंजाब को केंद्र से मिलने वाले फंड को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार और केंद्र के बीच चल रही बयानबाजी के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्य के साथ भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य के हिस्से की राशि में कटौती नहीं की जाती और राज्यों को उनके अधिकार के अनुसार भुगतान तय प्रक्रिया के तहत किया जाता है।
AAP के आरोपों पर वित्त मंत्री का जवाब
पंजाब सरकार की ओर से केंद्र पर फंड रोकने और राज्य के साथ भेदभाव करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। इस पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करती जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो।
वित्त मंत्री ने दावा किया कि राज्यों को मिलने वाले उनके अधिकार के फंड में कटौती नहीं की जाती और भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। उन्होंने पंजाब सरकार के आरोपों को निराधार बताया।
चुनावी बयानबाजी का भी लगाया आरोप
सीतारमण ने पंजाब सरकार की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को लेकर राजनीतिक संदर्भ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में चुनाव नजदीक होने के कारण AAP की ओर से इस तरह के बयान दिए जा सकते हैं। उनके मुताबिक, इन आरोपों के जरिए सरकार अपने कामकाज से जुड़े सवालों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। यह वित्त मंत्री का राजनीतिक आकलन है।
फंड को लेकर पहले भी रहा है विवाद
पंजाब सरकार और केंद्र के बीच अलग-अलग योजनाओं और फंड को लेकर पहले भी मतभेद सामने आते रहे हैं। AAP सरकार केंद्र पर पंजाब के साथ भेदभाव और राज्य की राशि रोकने के आरोप लगाती रही है। वहीं केंद्र सरकार इन आरोपों को स्वीकार नहीं करती। ताजा बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
राहुल गांधी के कार्यक्रम पर भी बोलीं सीतारमण
वित्त मंत्री ने इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हुई एक नकल पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे विपक्ष के नेता के संवैधानिक पद की गरिमा से जोड़ते हुए आलोचना की। सीतारमण ने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी व्यक्ति का इस तरह मजाक उड़ाने को उन्होंने उचित नहीं माना।
UPI के MDR पर भी दी सफाई
UPI transactions पर Merchant Discount Rate यानी MDR को लेकर भी वित्त मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि 2,000 रुपये से कम के लेनदेन पर MDR लागू नहीं होता। उनके अनुसार यह न तो टैक्स है और न ही सेस। उन्होंने कहा कि MDR से जुड़ी राशि भारत की Consolidated Fund में जमा नहीं होती, बल्कि यह payment ecosystem में service providers के बीच शुल्क के तौर पर होती है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि इसका सीधा बोझ उपभोक्ता पर नहीं डाला जाएगा।
विवाद के बीच केंद्र और पंजाब आमने-सामने
पंजाब के फंड को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच मतभेद लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहे हैं। AAP जहां केंद्र पर राज्य के साथ भेदभाव का आरोप लगाती रही है, वहीं केंद्र इन आरोपों को खारिज करता रहा है। निर्मला सीतारमण के ताजा बयान के बाद अब फंड आवंटन और भुगतान को लेकर दोनों पक्षों के दावों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।


