पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारतीय जनता पार्टी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा।सैनी ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि युवाओं को नशे से बचाना बड़ी चुनौती बन गया है।
पंजाब की पहचान को लेकर दिया बयान
नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब कभी वीरों, खिलाड़ियों और मेहनतकश लोगों की धरती के रूप में पहचाना जाता था। उन्होंने कहा कि आज नशे की समस्या के कारण राज्य के युवाओं को नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार नशे की समस्या को खत्म करने में सफल नहीं रही है। हालांकि, ये आरोप सैनी का राजनीतिक बयान है।
AAP सरकार पर साधा निशाना
नशा मुक्त पंजाब यात्रा के दौरान सैनी ने आम आदमी पार्टी सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान नशे को खत्म करने का वादा किया गया था, लेकिन जमीन पर स्थिति अलग दिखाई दे रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी सरकार पहले भी नशे के खिलाफ अपनी कार्रवाई और अभियानों का हवाला देती रही है। दोनों दल इस मुद्दे पर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।
क्या है नशा मुक्त पंजाब यात्रा?
भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब में नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान के तौर पर ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है। यह यात्रा राज्य के अलग-अलग हिस्सों से होकर गुजर रही है और इसका उद्देश्य नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करना बताया गया है। यात्रा में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हो रहे हैं।
30 सितंबर तक चलेगी यात्रा
रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा की यह यात्रा कई चरणों में पंजाब के विधानसभा क्षेत्रों से गुजर रही है और इसका समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस अभियान के जरिए नशे से प्रभावित परिवारों की आवाज उठाई जाएगी।
पंजाब में नशे का मुद्दा बना राजनीतिक बहस
पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से राजनीतिक मुद्दा रही है। अलग-अलग दल इसको लेकर एक-दूसरे की सरकारों पर सवाल उठाते रहे हैं। भाजपा जहां मौजूदा AAP सरकार को निशाने पर ले रही है, वहीं AAP नेता पिछली सरकारों के कार्यकाल का हवाला देते हुए जवाब देते रहे हैं।
चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
पंजाब में आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए नशे का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बन गया है। भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा को जहां पार्टी सामाजिक अभियान बता रही है, वहीं विपक्षी दल इसे राजनीतिक अभियान के तौर पर भी देख रहे हैं। फिलहाल पंजाब में नशे के मुद्दे पर भाजपा और AAP के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।