वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भारतीय वायु सेना के 94वें स्थापना वर्ष के अवसर पर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. नमो घाट पर आयोजित इस कार्यक्रम में राफेल, सुखोई, मिराज-2000, मिग-29 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों ने आसमान में अपनी ताकत दिखाई. वहीं, अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन ने भी लोगों का ध्यान खींचा. रविवार, 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी पहुंचे और उन्होंने रोड शो के दौरान लोगों का अभिवादन किया.
नमो घाट पहुंचे PM मोदी, लोगों ने किया स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला वाराणसी की पुलिस लाइन से चौकाघाट होते हुए नमो घाट के लिए रवाना हुआ. रास्ते में बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए मौजूद रहे. लोगों का उत्साह देखकर प्रधानमंत्री ने अपनी कार रुकवाई और बाहर निकलकर हाथ हिलाते हुए लोगों का अभिवादन किया. उनके रोड शो के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. नमो घाट इस आयोजन का प्रमुख केंद्र रहा, जहां से प्रधानमंत्री, सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य अतिथियों ने हवाई प्रदर्शन देखा.
आसमान में राफेल, सुखोई और मिराज-2000 का प्रदर्शन
‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो में लड़ाकू विमानों से लेकर परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों तक ने हिस्सा लिया. आयोजन में कुल 100 एयरक्राफ्ट शामिल होने की जानकारी दी गई, जिनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक विरासत विमान शामिल हैं.
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख विमान और हेलीकॉप्टर इस प्रकार हैं:
- लड़ाकू विमान: राफेल, सुखोई, मिराज-2000, मिग-29 और जगुआर.
- हेलीकॉप्टर: अपाचे और चिनूक.
- परिवहन विमान: सी-295, सी-17 और सी-130.
इन विमानों ने अपनी उड़ान क्षमता और हवाई करतबों का प्रदर्शन किया. काशी में इतने बड़े स्तर पर आयोजित इस एयर शो को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई गई थी.
12 एयरबेस से विमानों ने भरी उड़ान
इस आयोजन में चेन्नई और ग्वालियर समेत देश के 12 एयरबेस से विमानों ने उड़ान भरी. भारतीय वायु सेना के विभिन्न विमानों की भागीदारी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप दिया. लड़ाकू विमानों के साथ परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों की मौजूदगी ने वायु सेना की अलग-अलग परिचालन क्षमताओं को प्रदर्शित किया. आयोजन का उद्देश्य वायु सेना की ताकत और उसके हवाई अभियानों की क्षमता को सामने लाना भी रहा.
सुरक्षा के लिए 11,500 से ज्यादा जवान तैनात
एयर शो में संभावित भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा तथा यातायात प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के मुताबिक, पूरे जिले को 30 जोन और 50 से अधिक सेक्टर में बांटा गया था. सुरक्षा व्यवस्था के तहत 11,500 से ज्यादा जवान तैनात किए गए और निगरानी के लिए 200 सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया गया. भीड़ को नियंत्रित करने और कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त पुलिस केंद्रों और अन्य व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया गया.
आसमान में दिखी काशी की सांस्कृतिक पहचान
‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो में सैन्य शक्ति के प्रदर्शन के साथ काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को भी जगह दी गई. आयोजन के दौरान महादेव, नटराज, कैलाश, विश्वनाथ, त्रिदेव, वरुणा, हनुमान, ओंकार, भागीरथी, काशी और रुद्र जैसे नामों पर आधारित फॉर्मेशन बनाए गए. इन प्रस्तुतियों के जरिए भारतीय वायु सेना के हवाई प्रदर्शन को काशी की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की कोशिश की गई. इससे आयोजन में सैन्य क्षमता के साथ स्थानीय पहचान की झलक भी देखने को मिली.