दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण ने गंभीर रूप ले लिया है, राजधानी की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है और कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार, 3 नवंबर को दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया. कुछ इलाकों में यह आंकड़ा 450 के आसपास पहुंच गया। प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति ने लोगों की स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं.
पंजाबी बाग में सबसे ज्यादा प्रदूषण, AQI 446 दर्ज
CPCB के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके में सबसे अधिक 446 AQI दर्ज किया गया. वहीं, नरेला में वायु गुणवत्ता सूचकांक 434 तक पहुंच गया। दोनों ही इलाकों में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी हुई है.
इसके अलावा राजधानी के कई अन्य हिस्सों में भी प्रदूषण का स्तर बेहद चिंताजनक रहा. लगातार बढ़ते AQI के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
दिल्ली के इन इलाकों में भी हवा बेहद खराब
गुरुवार को जारी प्रदूषण के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 से अधिक दर्ज किया गया. प्रमुख इलाकों की स्थिति इस प्रकार रही:
- रोहिणी – 431
- आरके पुरम – 416
- बवाना – 412
- नॉर्थ कैंपस (दिल्ली विश्वविद्यालय) – 408
- पटपड़गंज – 405
- एम्स के आसपास – 402
वहीं, ओखला फेज-2 और इंडिया गेट पर AQI 399 दर्ज किया गया. इसके अलावा ITO में 397, द्वारका सेक्टर-8 में 396, चांदनी चौक में 356 और वसुंधरा एन्क्लेव में 330 रहा. दूसरी ओर, आनंद विहार में AQI 293 और IMD लोधी रोड स्टेशन पर 268 दर्ज किया गया। इन इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही.
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए GRAP-II लागू
दिल्ली में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी GRAP-II को लागू किया है. इसके तहत प्रदूषण पर काबू पाने के लिए कई प्रतिबंधात्मक और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. इसी क्रम में गुरुवार सुबह गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने वाहनों की जांच शुरू की. प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखी जा रही है.
दिवाली से पहले बढ़ी लोगों की चिंता
त्योहार से ठीक पहले हवा की गुणवत्ता में आई इस गिरावट ने दिल्ली-NCR के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर पड़ सकता है. ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम और प्रदूषण की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी रहेगी.


