केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के स्थापना दिवस के अवसर पर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने उत्तराखंड राज्य के गठन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका को याद किया और कहा कि राज्य बनाने की मांग को लेकर चले आंदोलन के दौरान सपा और कांग्रेस ने पहाड़ के लोगों पर अत्याचार किए थे. अमित शाह ने राहुल गांधी की यात्रा पर भी तंज कसते हुए कहा कि उनके पर्यटन से कोई राजनीतिक फर्क पड़ने वाला नहीं है.
अपने संबोधन की शुरुआत में गृह मंत्री ने देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति और धार्मिक महत्व का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल प्रकृति और संस्कृति की भूमि नहीं है, बल्कि भाजपा सरकार के नेतृत्व में यह विकास के नए रास्ते भी तय कर रहा है.
अटल बिहारी वाजपेयी को याद कर कांग्रेस पर लगाए आरोप
अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड के गठन के लिए पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों ने लंबे समय तक संघर्ष किया था. इस दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों ने राज्य निर्माण की मांग को रोकने का प्रयास किया. उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान कई लोगों को अत्याचार झेलने पड़े और युवाओं ने अपनी जान तक गंवाई.
गृह मंत्री ने कहा कि 9 नवंबर 2000 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड को अलग राज्य का दर्जा देकर वर्षों पुरानी मांग पूरी की थी. उन्होंने राज्य निर्माण आंदोलन में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि भी दी. रामपुर तिराहा सहित आंदोलन से जुड़े विभिन्न स्थानों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण का संघर्ष हमेशा याद रखा जाएगा.
‘राहुल जी, आपके पर्यटन से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला’
विपक्ष पर हमला बोलते हुए अमित शाह ने राहुल गांधी की यात्राओं को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेता उत्तराखंड की राजनीति में अपनी मौजूदगी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे भाजपा की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा. शाह ने कहा कि आने वाले चुनाव में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनने जा रही है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से राज्य के विकास और भाजपा सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया.
2047 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का संकल्प
गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा ने उत्तराखंड के स्थापना दिवस को उपलब्धियों पर गर्व करने और भविष्य के लिए नए संकल्प लेने के अवसर के रूप में मनाने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने लक्ष्य रखा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के साथ उत्तराखंड को भी विकसित राज्यों की श्रेणी में अग्रणी स्थान दिलाया जाए. शाह ने कहा कि भाजपा सरकार राज्य की प्रगति को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है.
UCC और धर्मांतरण कानून का किया जिक्र
अपने भाषण में अमित शाह ने उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (UCC) का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने UCC को लागू किया. शाह के मुताबिक, राज्य में इसके लागू होने के बाद विवाह और पारिवारिक कानूनों को लेकर एक समान व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में कदम उठाया गया है.
उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड के मॉडल से प्रेरित होकर 15 अन्य राज्य भी समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. शाह ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में भी धीरे-धीरे इसे लागू करने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने राज्य में धर्मांतरण पर रोक से जुड़े कानून को भी सरकार की उपलब्धि के तौर पर पेश किया.
कांग्रेस ने पहाड़ के विकास को नजरअंदाज किया: अमित शाह
अमित शाह ने कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को संबोधित करते हुए सवाल उठाया कि उनकी सरकार ने ऐसा कौन-सा काम किया, जिसे उत्तराखंड की जनता आज भी याद करती है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया. शाह ने कहा कि भाजपा सरकार ने पलायन रोकने के लिए प्रयास किए हैं और सीमावर्ती इलाकों तक सड़कें पहुंचाई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले चीन का डर दिखाकर सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क निर्माण से परहेज किया जाता था, जबकि मोदी सरकार ने इन इलाकों में कनेक्टिविटी मजबूत की है.
गृह मंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है और सीमावर्ती गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है.
राहुल गांधी की यात्रा को बताया ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’
अमित शाह ने राहुल गांधी की ‘वोट बचाओ यात्रा’ को लेकर भी विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जनता के बीच भ्रम फैला रही है. शाह ने विपक्ष की इस मुहिम को ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ करार दिया.
उन्होंने लोगों से सवाल किया कि क्या मतदाता सूची को घुसपैठियों से मुक्त नहीं किया जाना चाहिए और अवैध रूप से देश में रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें बाहर नहीं निकाला जाना चाहिए. शाह ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर गलत नैरेटिव पेश कर रहा है.
तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
गृह मंत्री ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता राम मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे और उत्तराखंड में शुक्रवार की नमाज के लिए छुट्टी देने का प्रस्ताव भी लेकर आए थे. शाह ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने पिछले दस वर्षों में भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने की दिशा में काम किया है.
अपने संबोधन के अंत में अमित शाह ने भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि उत्तराखंड को विकास, सुरक्षा और सुशासन के रास्ते पर आगे ले जाने का काम जारी रहेगा. उन्होंने आगामी चुनाव में फिर से भाजपा की सरकार बनने का भरोसा जताया.


