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पंजाब में शुरू हुआ 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज योजना, 23 सितंबर से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

हाइलाइट्स :-

  • **संगरूर** में **नया मेडिकल कॉलेज** बनेगा।
  • ज़मीन देने से **शिरोमणि कमेटी ने मना** किया।
  • **बादल परिवार** को कमेटी पर **नियंत्रण** बताया गया।
  • **राशन कार्ड** नहीं काटे जाएँगे।
  • बाढ़ के कारण राशन कार्ड की पुष्टि में **देरी**।

Punjab Health Scheme 2025 : राज्य के नागरिकों को बड़ी सौगात देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री **भगवंत सिंह मान** ने आज **‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’** के तहत **रजिस्ट्रेशन शुरू** करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य लोगों को **10 लाख रुपये तक का नगद रहित इलाज** उपलब्ध करवाना है।

बरनाला और तरन तारन से शुरू हुआ स्वास्थ्य योजना रजिस्ट्रेशन

आज यहाँ पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस **जन-हितैषी स्कीम** के लिए रजिस्ट्रेशन **मंगलवार (23 सितंबर)** से **बरनाला और तरन तारन** ज़िलों से होगा, जिससे लोगों को **10 लाख रुपये तक का मुफ़्त इलाज** मिलेगा। उन्होंने कहा कि **पायलट प्रोजेक्ट** के तौर पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होगी और इसे **10-12 दिनों** के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। इसके अंतर्गत तरन तारन ज़िले में **128 स्थानों** और बरनाला ज़िले में भी **128 स्थानों पर कैंप** लगाए जाएँगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अपनी तरह की पहली इस **ऐतिहासिक स्कीम** की शुरुआत लोगों की भलाई के लिए की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों ज़िलों के **सभी नागरिक मुख्यमंत्री स्वास्थ्य कार्ड के लिए आवेदन** कर सकते हैं और इन कैंपों के दौरान रजिस्ट्रेशन के लिए किसी को अधिक दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कैंप लगाने से पहले पूरे इलाक़े में **मुनादी करवाकर या अन्य साधनों से लोगों को जागरूक** किया जाएगा ताकि हर व्यक्ति को कैंप के बारे में पता लग सके। भगवंत सिंह मान ने कहा कि स्वास्थ्य कार्ड के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को अपना **आधार कार्ड, वोटर कार्ड** और **पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो** कैंप में लानी होगी और **अन्य किसी दस्तावेज़ की ज़रूरत नहीं** है।

हर पंजाबी को मिलेगा 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा

सीएम मान ने कहा कि **10 से 12 दिनों** के भीतर इन ज़िलों में सभी के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि **फ़ीडबैक** के आधार पर यदि इस प्रक्रिया में किसी सुधार की आवश्यकता होगी तो उन्हें विधिवत शामिल किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके बाद योजना के लिए रजिस्ट्रेशन **पूरे पंजाब** में शुरू होगा और एक बार यह प्रक्रिया पूरे राज्य में पूरी होने पर इसे **आधिकारिक रूप से लागू** किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि हर पंजाबी **‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य कार्ड’** का उपयोग कर **10 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमे** का लाभ उठा सकेगा, जिससे **मुफ़्त और नगद रहित इलाज** प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि **सरकारी कर्मचारी, आशा वर्कर और आंगनवाड़ी वर्कर** को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि **हर परिवार को 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा** मिलेगा, परिवार के सदस्यों की संख्या पर **कोई सीमा नहीं** होगी, हर नागरिक को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य कार्ड मिलेगा और नगद रहित इलाज सुनिश्चित करने के लिए इलाज **सभी सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों** में उपलब्ध होगा।

मुफ्त स्वास्थ्य बीमा देने वाल पहला राज्य बनेगा पंजाब

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत **2,000 से अधिक स्वास्थ्य प्रक्रियाएँ और सर्जरी** शामिल की जाएँगी और पंजाब **देश का पहला राज्य** है जो **10 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सेवाएँ मुफ़्त** प्रदान करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब की यह **ऐतिहासिक पहल** राज्य के सभी निवासियों को मुफ़्त स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए **पूरे देश में मिसाल क़ायम** करेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि **मुफ़्त बिजली** की तरह यह सुविधा भी राज्य के **सभी निवासियों को उपलब्ध** होगी और लोगों से **अच्छे स्वास्थ्य देखभाल का किया गया वादा आज पूरा हो रहा है**।

एक और मुद्दे पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए पिछले तीन वर्षों में **881 आम आदमी क्लीनिक** खोले गए हैं और इन क्लीनिकों की संख्या शीघ्र ही **1,000 को पार** कर जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता **30 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 100 प्रतिशत** हो गई है और बुनियादी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से लाभ उठाने वाले लोगों की संख्या **34 लाख से बढ़कर 1.08 करोड़** हो गई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब देश का **पहला राज्य** होगा जो **10 लाख रुपये तक का मुफ़्त स्वास्थ्य बीमा** प्रदान करेगा।

सीएम का केंद्र पर हमला, भाजपा नेताओं को सचेत किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के **बुरी तरह असफल** होने के बाद यह हर बार **वादों पर खरा न उतरने की आदत** डाल चुकी है। एक मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि **जी.एस.टी.** को बड़े ज़ोर-शोर से लाया गया था लेकिन अब उसी तेज़ी से **वापस क्यों लिया गया है**। उन्होंने कहा कि यदि उस समय जी.एस.टी. इतना अच्छा था तो अब इसे वापस क्यों लिया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि जी.एस.टी. पर कोई भी कार्रवाई करने से पहले केंद्र को **राज्यों का बकाया हिस्सा**, जो उनके पास लंबित था, लौटाना चाहिए।

भाजपा नेताओं को बाढ़ के मुद्दे पर **राजनीति करने से बचने की अपील** करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के भाजपा अध्यक्ष **सुनील जाखड़** को कोई भी बयान जारी करने से पहले **अपना होमवर्क करने की चुनौती** दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि **जनता द्वारा नकारे गए नेता** अपने राजनीतिक आकाओं को ख़ुश करने के लिए उनके ख़िलाफ़ **ज़हर उगलते** हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं द्वारा **हाईकमान के इशारों** पर ही ये बयान जारी किए गए हैं। हालाँकि, भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं को संवेदनशील मुद्दों पर कोई भी बयान जारी करने से पहले **अपने तथ्यों की जाँच** करनी चाहिए।

संगरूर में मेडिकल कॉलेज बनेगा, नहीं कटेगा राशन कार्ड

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए **संगरूर में एक मेडिकल कॉलेज** बनाया जाएगा जिसके लिए राज्य सरकार कुछ और भूमि की पहचान करेगी। कॉलेज के निर्माण के लिए ज़मीन देने से इनकार करने के लिए **शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी** की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी केवल **बादल परिवार के हाथों की कठपुतली** है और इसके सभी फ़ैसले वही करते हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यदि बादल परिवार कॉलेज बनाना चाहता तो शिरोमणि कमेटी **ज़रूर ज़मीन देती**।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य में **किसी भी राशन कार्ड को नहीं काटा जाएगा**। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हाल ही में आई बाढ़ों के मद्देनज़र इन कार्डों की पुष्टि करने के लिए केंद्र सरकार से **छह महीनों का समय** माँगा है। उन्होंने राशन कार्ड काटने के लिए उपयोग किए जा रहे तर्क की आलोचना की, जिसमें **चार पहिया वाहनों की मालिकाना हक़, सरकारी नौकरियाँ, छोटी ज़मीनें और आय** शामिल हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब इन मानदंडों को केवल एक ही सदस्य पूरा कर सकता है तो **पूरे परिवार को सज़ा देना बेतुकी बात** है।

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