Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

होम

शॉर्ट अपडेट

ब्रेकिंग

लाइव टीवी

मेन्यू

लोकल छुट्टियों के कारण बार-बार बंद हो रहा शेयर बाजार, एक्सपर्ट्स ने उठाए सवाल

चुनाव के कारण बाजार बंद

देश के प्रमुख शेयर बाजारों (BSE और NSE) में अक्सर स्थानीय चुनावों या अन्य लोकल छुट्टियों के कारण कामकाज प्रभावित होता है। हाल ही में महाराष्ट्र में हुए एक चुनाव के चलते बाजार पूरी तरह बंद रहा था। इस तरह की बार-बार की ट्रेडिंग छुट्टियों को लेकर अब बाजार के जानकारों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है और वैश्विक अर्थव्यवस्था के संदर्भ में इन फैसलों की समीक्षा की मांग की है।

15 जनवरी यानी आज महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के मद्देनजर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में पूरे दिन के लिए ट्रेडिंग बंद रहेगी ।

शुरुआत में एक्सचेंजों द्वारा इसे केवल ‘सेटलमेंट हॉलिडे’ घोषित किया गया था, जिसका अर्थ था कि केवल पैसों और शेयरों का लेन-देन रुका रहेगा। लेकिन राज्य में बैंकों की छुट्टी की घोषणा के बाद एक्सचेंजों को नया सर्कुलर जारी करना पड़ा और इसे अनिवार्य रूप से ‘फुल ट्रेडिंग हॉलिडे’ में बदल दिया गया।

बाजार के जानकारों का कहना है कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में, बार-बार लोकल छुट्टियों के कारण बाजार बंद होने से विदेशी फंड हाउसों और बड़े निवेशकों को हेजिंग (जोखिम प्रबंधन) और महत्वपूर्ण ट्रेडिंग करने में भारी दिक्कतें आती हैं।

लगातार की जा रही इन स्थानीय छुट्टियों से वैश्विक स्तर पर भारतीय बाजार की विश्वसनीयता और पहुंच पर सवाल उठते हैं।

इस आलोचना के बावजूद, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) और सरकार का तर्क रहा है कि चुनाव के दिनों में कर्मचारियों और मतदाताओं को वोट डालने की सुविधा देना आवश्यक होता है। उनका मानना है कि स्थानीय कानूनों का पालन करना और नागरिक सुविधा सुनिश्चित करना भी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसके कारण कभी-कभी ट्रेडिंग बंद करनी पड़ती है।

यह बहस लगातार जारी है कि क्या भारतीय बाजारों को स्थानीय अवकाशों की कीमत पर वैश्विक मानकों के अनुरूप 24/7 ट्रेडिंग की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, या कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

संबंधित खबरें

लाडकी बहिण योजना में महिलाओं को मिल सकती है बड़ी राहत, केंद्र समिति ने राशि

बारिश में कार वाइपर की कट-कट आवाज से परेशान हैं? नई ब्लेड खरीदने से पहले

US-Iran सीजफायर टूटने के बाद होर्मुज स्ट्रेट और तेल बाजार पर संकट बढ़ा, जिसका सीधा

राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT जांच के बीच बड़ा खुलासा, सूत्रों के मुताबिक नोटों

Nifty में तेजी के संकेत, 24,200-24,300 पार होते ही दिख सकती है शॉर्ट-कवरिंग; 10 जुलाई

सुष्मिता देव, सुखेंदु शेख रॉय और प्रकाश बारिक हुए बीजेपी में शामिल, सियासी हलचल तेज

भारत-इंग्लैंड चौथे T20 में टीम इंडिया के सामने सीरीज बचाने की चुनौती, ब्रिस्टल में जीत

भिलाई के OYO होटल में प्रेमी-प्रेमिका के विवाद के बाद युवक की मौत का मामला

अमेरिका में भारतीय इंजीनियर पर पत्नी की हत्या का आरोप, डिजिटल सबूतों और चैट रिकॉर्ड

‘धमाल 4’ की रिलीज से पहले ही ‘धमाल 5’ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया

पश्चिम एशिया (Middle East) एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठ गया है, अमेरिका

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा, परमाणु ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक सहयोग को मजबूत करने