राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 से 21 मार्च तक मथुरा-वृंदावन के आध्यात्मिक दौरे पर हैं। इस दौरान शुक्रवार को वह वृंदावन के परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचीं, जहां संत प्रेमानंद महाराज ने उनका ‘राधे-राधे’ कहकर स्वागत किया। राष्ट्रपति ने महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया और दोनों के बीच लगभग 27 मिनट तक आध्यात्म, समाज और ब्रज की परंपराओं पर चर्चा हुई। इस दौरान महाराज ने जप की महत्ता को जीवन उद्धार का सरल मार्ग बताया।
आश्रम से मिला राष्ट्रपति को प्रसाद
मुलाकात के बाद राष्ट्रपति को आश्रम की ओर से प्रसाद स्वरूप दुपट्टा और माला भेंट की गई। इस अवसर पर उनके साथ परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे, जिससे यह यात्रा और भी विशेष बन गई।
दौरे के पहले दिन 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ प्रेम मंदिर पहुंचकर भगवान राधा-कृष्ण के दर्शन किए। मंदिर में उनका स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया। उन्होंने गर्भगृह में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुईं। संकीर्तन मंडली के भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। राष्ट्रपति ने लेजर शो का आनंद लिया, प्रसाद ग्रहण किया और मंदिर परिसर की परिक्रमा भी की।
इस्कॉन मंदिर में पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम का राष्ट्रपति ने लिया आनंद
इसके बाद राष्ट्रपति ने इस्कॉन मंदिर (श्री श्री कृष्ण बलराम मंदिर) का दौरा किया, जहां संतों और पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने भगवान कृष्ण-बलराम के दर्शन कर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की और कुछ समय ध्यान भी लगाया। मंदिर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बालिकाओं के नृत्य को देखा और सराहा, साथ ही कीर्तन का आनंद लिया।
गोवर्धन में ऐतिहासिक परिक्रमा की तैयारी
21 मार्च की सुबह राष्ट्रपति का काफिला वृंदावन से गोवर्धन के लिए रवाना होगा। दानघाटी मंदिर पहुंचकर वह गिरिराज जी का दुग्धाभिषेक कर पूजन करेंगी। इसके बाद गोल्फ कार्ट के माध्यम से 21 किलोमीटर की गिरिराज परिक्रमा करेंगी। यह ऐतिहासिक क्षण होगा, क्योंकि द्रौपदी मुर्मु गोवर्धन परिक्रमा करने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनेंगी। दर्शन-पूजन के बाद वह पेठा हेलीपोर्ट से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।









