पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस जांच के अनुसार सिया गोयल और चेतन चौधरी के रिश्ते, हजारों कॉल और डिजिटल सबूत कथित साजिश की अहम कड़ियां बनकर सामने आए हैं|
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं बल्कि रिश्तों, भरोसे और कथित साजिश की जटिल कहानी बनता जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, इस कहानी की शुरुआत किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या डेटिंग ऐप से नहीं, बल्कि क्रिकेट के मैदान से हुई थी। सिया गोयल की मुलाकात अपने बड़े भाई साहिल गोयल के दोस्त चेतन चौधरी से हुई और यही परिचय धीरे-धीरे दोस्ती, फिर प्रेम संबंध और आखिरकार एक ऐसे कथित षड्यंत्र में बदल गया, जिसमें सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल की जान चली गई।
अब पुलिस इस पूरे रिश्ते की टाइमलाइन, हजारों फोन कॉल, डिलीट किए गए डिजिटल सबूत और दोनों की आखिरी मुलाकात को जोड़कर यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर इस कथित साजिश की शुरुआत कब और कैसे हुई।
क्रिकेट के मैदान से शुरू हुई पहली मुलाकात
जांच में सामने आया है कि चेतन चौधरी और सिया के बड़े भाई साहिल गोयल लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे, दोनों स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंट में साथ खेल चुके थे, पुलिस को एक पुराना वीडियो भी मिला है जिसमें दोनों एक क्रिकेट लीग के दौरान एक ही टीम का हिस्सा दिखाई देते हैं।
सिया कई बार अपने भाई के साथ क्रिकेट मैच देखने जाती थी, इसी दौरान उसकी मुलाकात चेतन से हुई। शुरुआत सामान्य परिचय से हुई, लेकिन समय के साथ बातचीत बढ़ने लगी, किसी ने उस समय शायद यह नहीं सोचा होगा कि यही मुलाकात आगे चलकर देश के चर्चित आपराधिक मामलों में से एक की अहम कड़ी बन जाएगी।
दोस्ती कब प्यार में बदली?
पुलिस जांच के अनुसार दोनों के बीच वास्तविक नजदीकियां वर्ष 2025 की दिवाली के आसपास बढ़ीं। एक कॉमन फ्रेंड की पार्टी में दोनों फिर मिले और उसके बाद लगातार बातचीत शुरू हो गई,धीरे-धीरे दोनों का रिश्ता इतना मजबूत हो गया कि वे नियमित रूप से संपर्क में रहने लगे।
पुलिस का मानना है कि इसी दौर में दोनों के बीच भावनात्मक रिश्ता विकसित हुआ। हालांकि परिवार को इस संबंध की जानकारी नहीं थी, यहीं से कहानी ने एक नया मोड़ लिया, क्योंकि दूसरी ओर परिवार सिया की शादी की तैयारियों में जुट चुका था।
परिवार ने तय कर दी केतन अग्रवाल से शादी
इसी दौरान सिया की शादी पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल से तय कर दी गई। दोनों परिवारों ने नवंबर 2026 में होने वाली शादी की तैयारियां भी शुरू कर दी थीं, पुलिस के अनुसार सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि सिया इस रिश्ते से खुश नहीं थी तो उसने परिवार को स्पष्ट रूप से मना क्यों नहीं किया।
परिवार का दावा है कि सिया ने कभी भी शादी से इनकार नहीं किया। यदि उसने अपनी असहमति जताई होती तो परिवार इस रिश्ते पर दोबारा विचार करता। लेकिन बाहर से सब कुछ सामान्य दिखाई देता रहा जबकि दूसरी ओर चेतन के साथ उसका संपर्क लगातार बना रहा।
2,004 फोन कॉल ने बढ़ाया शक
जांच में सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को माना जा रहा है, पुलिस के अनुसार जनवरी 2026 से जून 2026 के बीच सिया और चेतन के बीच कुल 2,004 फोन कॉल हुईं। इन कॉल्स की कुल अवधि लगभग 238 घंटे बताई जा रही है, यानी दोनों लगभग हर दिन लंबी बातचीत करते थे।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन बातचीतों में क्या चर्चा होती थी। क्या इन्हीं महीनों के दौरान कथित हत्या की योजना बनाई गई? या यह केवल निजी बातचीत थी? इन सवालों का जवाब डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना से एक दिन पहले हुई अहम मुलाकात
पुलिस के अनुसार 17 जून को, यानी घटना से ठीक एक दिन पहले, सिया और चेतन पुणे के लुल्लानगर स्थित एक कैफे में मिले थे, दोनों करीब एक घंटे तक वहां मौजूद रहे, जांच एजेंसियां इस मुलाकात को पूरे केस का सबसे अहम हिस्सा मान रही हैं। पुलिस को शक है कि इसी मुलाकात में आगे की रणनीति तैयार की गई होगी। हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
18 जून… जब कथित साजिश को अंजाम दिया गया
अगले दिन यानी 18 जून को केतन अग्रवाल, सिया गोयल और चेतन चौधरी लोहागढ़ किले के इलाके में पहुंचे, पुलिस का दावा है कि यहीं पहले से बनाई गई योजना को अंजाम दिया गया, जांच अधिकारियों के मुताबिक कथित योजना यह थी कि सिया एक तय स्थान पर बैठकर संकेत देगी और उसके बाद चेतन पीछे से आकर केतन को खाई में धक्का देगा।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में चेतन ने खुद को निर्दोष बताया, लेकिन बाद में तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सबूतों के सामने आने के बाद उसका बयान बदल गया, हालांकि अंतिम सत्य अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
डिलीट किए गए चैट क्यों बने सबसे बड़े सबूत?
जांच अब पूरी तरह डिजिटल फोरेंसिक पर केंद्रित हो गई है, पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट ही नहीं, बल्कि उन्हें रीसायकल बिन से भी हटाने की कोशिश की ताकि बातचीत का कोई रिकॉर्ड न बच सके, दोनों मोबाइल फोन फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं, विशेषज्ञ डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि यदि चैट रिकवर हो जाती है तो इससे पूरे मामले की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं।
साहिल गोयल से भी हुई लंबी पूछताछ
चूंकि चेतन चौधरी और सिया की मुलाकात का माध्यम सिया के बड़े भाई साहिल गोयल थे, इसलिए पुलिस ने उनसे भी विस्तृत पूछताछ की, सूत्रों के अनुसार साहिल से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की गई, हालांकि अभी तक पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि साहिल को दोनों के रिश्ते की जानकारी थी या नहीं, फिलहाल उन्हें आरोपी नहीं माना गया है और उनसे केवल जांच के हिस्से के रूप में पूछताछ की गई है।
महाराष्ट्र सरकार भी हुई सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार भी सक्रिय हो गई है, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केतन अग्रवाल के परिवार से मुलाकात कर उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का भरोसा दिया है, राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का भी निर्णय लिया है, दूसरी ओर पुलिस ने जांच के लिए छह विशेष टीमें बनाई हैं, जो परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही हैं।
अब भी अनसुलझे हैं कई सवाल
- जांच के बावजूद अभी कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिलना बाकी है।
- क्या सिया ने परिवार से शादी न करने की बात कभी कही थी?
- 2,004 फोन कॉल में आखिर क्या बातचीत होती थी?
- दोनों ने मोबाइल से चैट डिलीट क्यों की?
- कैफे में हुई आखिरी मुलाकात में क्या तय हुआ?
- क्या इस कथित योजना की जानकारी किसी तीसरे व्यक्ति को भी थी?
- घटना के बाद दोनों सामान्य व्यवहार क्यों करते रहे?
- क्या डिजिटल फोरेंसिक इस मामले की पूरी तस्वीर सामने ला पाएगा?
इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों के बाद ही सामने आएंगे।
रिश्ते, भरोसे और कानून के बीच फंसी एक कहानी
पुणे का यह मामला केवल एक आपराधिक जांच नहीं रह गया है, बल्कि यह रिश्तों, विश्वास और फैसलों की जटिल कहानी बन चुका है, एक तरफ परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था, दूसरी तरफ पुलिस के अनुसार सिया और चेतन लगातार संपर्क में थे। अब पूरा मामला अदालत की प्रक्रिया और जांच एजेंसियों के जुटाए गए सबूतों पर निर्भर करेगा, फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि सिया यह शादी नहीं करना चाहती थीं, तो क्या समय रहते एक स्पष्ट ‘ना’ इस पूरी कहानी का अंत बदल सकती थी? या फिर हालात उस मुकाम पर पहुंच चुके थे, जहां लौटना संभव नहीं था?
इन सवालों के जवाब अभी भविष्य के गर्भ में हैं, लेकिन इतना तय है कि यह मामला आने वाले दिनों में भी देशभर में चर्चा का विषय बना रहेगा।


