Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोज़गार और दलित, शोषित व वंचित वर्गों को सामाजिक न्याय दिलाने के उद्देश्य से आप यूपी प्रभारी और सांसद **संजय सिंह** के नेतृत्व में बुधवार को अयोध्या से शुरू हुई **“रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा** को अपने दूसरे दिन, गुरुवार को भी व्यापक जनसमर्थन मिला। यह यात्रा अयोध्या के चांदपुर, हरबंशपुर, धबासेमर से आगे बढ़कर कल्याण भदरसा होते हुए अयोध्या के बीकापुर पहुँची। नहरिया चौकी पहुँचने पर अजीत सिंह और सैकड़ों ‘आप’ समर्थकों तथा स्थानीय जनता ने अपने प्रिय नेता संजय सिंह और अन्य ‘आप’ नेताओं का ज़ोरदार स्वागत किया।
200 किलोमीटर की है पदयात्रा
इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए, मसौदा में सागर शर्मा, रोडवेज वर्कशॉप के सामने राम प्रताप यादव, भरतकुंड में अशोक कुमार गोंद, पिपरी जलालपुर में विनोद कुमार रावत और शाहगंज मोड़ पर आलोक द्विवेदी तथा सैकड़ों ‘आप’ समर्थकों व स्थानीय लोगों ने इस पदयात्रा का भव्य स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि 13 दिनों तक चलने वाली लगभग **200 किलोमीटर** की यह पदयात्रा अयोध्या से प्रारंभ होकर सुल्तानपुर और अमेठी होते हुए प्रयागराज में समाप्त होगी।
उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर – संजय सिंह
संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश का वह राज्य बन गया है, जहाँ **बेरोजगारी अपने चरम पर** है। उन्होंने बताया कि देश में सबसे अधिक बेरोजगार किसी प्रदेश में हैं, तो वह उत्तर प्रदेश है। केवल सरकारी नौकरियों की कमी ही नहीं है, बल्कि किसान, बुनकर, कुटीर और लघु उद्योग से जुड़े लोग भी आर्थिक संकट और रोज़गार के अभाव से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि “किसान को अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिलता, खाद की लाइन में उनकी जान चली जाती है, और कर्ज़ के बोझ से वे आत्महत्या करने को मजबूर हैं। आशा बहुएं, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षा मित्र और अनुदेशक सभी आज भी नियमितीकरण की प्रतीक्षा में हैं।” ‘आप’ सांसद ने यह भी कहा कि शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले से लेकर टीईटी परीक्षा की बाध्यता तक, शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक असमानता है। छोटे-छोटे उद्योग बंद हो रहे हैं, जिससे युवाओं के समक्ष रोज़गार का गहरा संकट है।
‘अन्याय के मामलों में भी देश में शीर्ष पर यूपी’
पदयात्रा के दूसरे प्रमुख मुद्दे पर बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सामाजिक भेदभाव और अन्याय के मामलों में भी देश में शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने कहा, “आज भी दलित समाज के लोगों के साथ मंदिरों, वैवाहिक समारोहों और सार्वजनिक स्थानों पर भेदभाव की घटनाएँ सामने आ रही हैं। आरक्षण में हेराफेरी की घटनाएँ आम हो गई हैं। पुलिस थाने से लेकर तहसील तक, न्याय की गुहार लगाने के लिए कोई दरवाज़ा खुला नहीं है।”
दूसरे दिन पदयात्रा को मिल रहा जबरदस्त जनसमर्थन
उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी और सामाजिक असमानता के विरुद्ध आम आदमी पार्टी की पदयात्रा के दूसरे दिन भी ज़बरदस्त जनसमर्थन देखने को मिला। जगह-जगह लोगों ने ‘आप’ नेताओं का स्वागत किया और पदयात्रा में शामिल होकर अपना समर्थन व्यक्त किया। सांसद संजय सिंह ने कहा कि यह पदयात्रा एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के हक़ और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रत्येक हाथ को रोज़गार और हर नागरिक को बराबरी का अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
पदयात्रा में उठने वाले कदमों का उद्देश्य
संजय सिंह ने कहा कि इस पदयात्रा में उठाया गया एक कदम उत्तर प्रदेश के बेरोजगारों को रोज़गार दिलाने के लिए है, तो दूसरा कदम दलित, पिछड़े, शोषित और वंचित समाज को उसका जीने का अधिकार दिलाने के लिए उठाया जा रहा है। सांसद संजय सिंह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है अपने हक की आवाज़ उठाने का। इसलिए अपने घरों से बाहर निकलिए और समाज में फैले इस अन्याय और अत्याचार के खिलाफ इस पदयात्रा में शामिल होकर अपनी हक़ की लड़ाई लड़ते हुए इस **तानाशाह सरकार** को बता दीजिए कि समान अवसर और सम्मान के अधिकार को अब कोई नहीं रोक सकता।
आम आदमी पार्टी का लक्ष्य
‘आप’ सांसद संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी एक ऐसी व्यवस्था स्थापित करना चाहती है जिसमें हर युवा को सम्मानजनक रोज़गार मिले और समाज के दलित, पिछड़े, शोषित व वंचित वर्ग के साथ किसी भी प्रकार का जातिगत भेदभाव न हो। उन्होंने कहा कि जब तक देश के अंतिम व्यक्ति को न्याय और समान अवसर नहीं मिलेगा, तब तक सच्चे अर्थों में लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता। संजय सिंह ने ज़ोर देकर कहा कि रोज़गार और सामाजिक न्याय ही देश की तरक्की की वास्तविक पहचान है, और आम आदमी पार्टी इसी दिशा में संघर्षरत है।









