महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का आकस्मिक निधन आज भी राज्य की राजनीति के लिए एक गहरा सदमा है। बारामती हवाई अड्डे के पास हुए विमान हादसे ने एक लोकप्रिय जननेता को हमसे छीन लिया। हालांकि, अब इस घटना को लेकर सामने आ रहे नए खुलासे इसे महज एक हादसा मानने से इनकार कर रहे हैं। इस रहस्यमय मामले में ‘आखिरी कॉल’ और एक ‘महत्वपूर्ण फाइल’ की भूमिका ने साजिश की आशंकाओं को जन्म दे दिया है।
हाल ही में कल्याण में आयोजित एक शोकसभा में, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता प्रमोद हिंदूराव ने एक चौंकाने वाला बयान देकर सनसनी फैला दी। हिंदूराव ने खुलासा किया कि अजित दादा का उस मनहूस सुबह विमान से जाने का कोई इरादा नहीं था। उनकी योजना सड़क मार्ग से पुणे और फिर बारामती जाने की थी। उनका काफिला तैयार था और निजी सामान भी गाड़ियों में रखा जा चुका था।
प्रमोद हिंदूराव के अनुसार, अचानक मंत्रालय से एक महत्वपूर्ण फाइल पर हस्ताक्षर करने का संदेश आया। इस संदेश के चलते उन्हें मुंबई में रुकना पड़ा और उनकी यात्रा में देरी हुई। इसी देरी के कारण उन्होंने सड़क मार्ग का प्लान रद्द कर दिया और अगले दिन सुबह के लिए एक निजी चार्टर्ड विमान बुक कराया। हिंदूराव का यह बयान साफ संकेत देता है कि अगर वह फाइल और उसके लिए आया वह ज़रूरी फोन कॉल नहीं आता, तो शायद ‘महाराष्ट्र के दादा’ आज हमारे बीच होते।
इस खुलासे के बाद राजनीतिक गलियारों में गरमाहट आ गई है। एनसीपी के नेता रोहित पवार और विधायक अमोल मिटकरी ने भी इस घटना को सामान्य दुर्घटना मानने से साफ इनकार कर दिया है। रोहित पवार ने तो यह दावा किया है कि इस दर्दनाक हादसे के पीछे एक गहरी साजिश हो सकती है, जिसकी पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से जांच कराई जानी चाहिए।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है और बड़े नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं, यह दुखद हादसा अब महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे बड़ा और गहरा रहस्य बनता जा रहा है, जिसकी सच्चाई जानने का इंतजार पूरा देश कर रहा है।









