दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर हमला, यमन के मिसाइल-ड्रोन अटैक से दहला सऊदी अरब

सऊदी अरब पर यमन के मिसाइल और ड्रोन हमले में अरामको की तेल सुविधा और जिजान औद्योगिक क्षेत्र को निशाना बनाया गया। बिजली आपूर्ति बाधित हुई और यानबू प्रांत के लिए इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया, जाने पूरी ख़बर !
सऊदी
अरामको तेल सुविधा पर यमन के मिसाइल-ड्रोन अटैक से सऊदी में हड़कंप

रियाद: पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यमन से सऊदी अरब पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों ने एक बार फिर क्षेत्र में हालात गंभीर कर दिए हैं। हमलों में दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको से जुड़ी एक तेल सुविधा और जिजान औद्योगिक शहर की अहम साइट को निशाना बनाया गया। हमलों के बाद कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जबकि यानबू प्रांत के लिए आपातकालीन अलर्ट जारी कर दिया गया।

जिजान और अरामको की तेल सुविधा बनी निशाना

अरब मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन ने जिजान औद्योगिक क्षेत्र में कई धमाके किए। बताया जा रहा है कि अरामको से जुड़ी एक महत्वपूर्ण तेल सुविधा भी हमले की चपेट में आई। हालांकि, नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी सामने नहीं आया है।

कई इलाकों में बिजली गुल, जारी हुआ इमरजेंसी अलर्ट

हमलों के बाद जिजान, यानबू और दमाद समेत कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। हालात को देखते हुए सऊदी सिविल डिफेंस ने नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म के जरिए यानबू प्रांत के लिए आपातकालीन अलर्ट जारी किया और लोगों से सतर्क रहने की अपील की।

सऊदी हमलों के बाद हूती विद्रोहियों की जवाबी कार्रवाई

यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब हाल ही में सऊदी अरब ने हूती नियंत्रित होदेइदा शहर पर हवाई हमले किए थे। हूती समूह के विदेश मंत्रालय ने पहले ही चेतावनी दी थी कि सऊदी कार्रवाई का करारा जवाब दिया जाएगा।

हूती समर्थित अल मसीरा टीवी के अनुसार, सऊदी हमलों में होदेइदा स्थित दूरसंचार सुविधाओं और कमरान द्वीप को निशाना बनाया गया था, जिसमें एक महिला घायल हुई थी।

लाल सागर में भी बढ़ा तनाव

इससे पहले हूती विद्रोहियों ने दावा किया था कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया, जिसमें कम से कम एक जहाज क्षतिग्रस्त हुआ। हूती समूह का कहना है कि यह कार्रवाई सना हवाई अड्डे पर हुए हमले और घोषित समुद्री नाकेबंदी के जवाब में की गई।

वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ता टकराव केवल क्षेत्रीय सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और लाल सागर के समुद्री व्यापार मार्ग पर भी पड़ सकता है। यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और शिपिंग पर व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

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