ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की नई पहल
बिहार सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बांका जिले की सभी 182 पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से ‘जीविका सुधा बिक्री केंद्र‘ खोले जाएंगे। इस योजना के जरिए जीविका दीदियों को अपने गांव में ही स्वरोजगार का अवसर मिलेगा, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सुधा डेयरी उत्पादों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
₹60 हजार तक की आर्थिक सहायता मिलेगी
यह योजना बिहार राज्य दुग्ध सहकारी संघ (सुधा) के सहयोग और सात निश्चय-3 के तहत संचालित की जा रही है। इसमें मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से जुड़ी जीविका दीदियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रत्येक बिक्री केंद्र की स्थापना के लिए सरकार अधिकतम ₹60,000 तक की वित्तीय सहायता देगी। वहीं लाभार्थी महिला को ₹15,000 कार्यशील पूंजी के रूप में स्वयं निवेश करना होगा।
डीप फ्रीजर और अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी
सरकारी अनुदान से केंद्र के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें शामिल हैं—
- 300 लीटर क्षमता का डीप फ्रीजर
- विजी कूलर
- दुकान की रंगाई-पुताई
- आवश्यक मरम्मत कार्य
- अन्य जरूरी आधारभूत सुविधाएं
योजना के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए जिला स्तर पर विशेष संचार टीम का गठन किया गया है। इसके अलावा सीएलएफ (CLF), वीओ (VO), बीपीआईयू (BPIU) और स्वयं सहायता समूहों की बैठकों के माध्यम से भी महिलाओं को योजना की जानकारी दी जा रही है।
ऑनलाइन होगी आवेदन प्रक्रिया
जीविका सुधा बिक्री केंद्र के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। अब तक बांका जिले से 25 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
आवेदन के दौरान निम्न दस्तावेज अपलोड करने होंगे—
- आधार कार्ड
- मोबाइल नंबर
- लोकोस आईडी
- दुकान का फोटो
- बिजली कनेक्शन का प्रमाण
- पासपोर्ट साइज फोटो
- दुकान के स्वामित्व या किरायानामा से संबंधित दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए क्या हैं पात्रता शर्तें?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी—
- संबंधित पंचायत का स्थायी निवासी होना
- स्वयं सहायता समूह (SHG) का ऋण पूरी तरह चुकाया होना
- लगभग 70 वर्गफुट की दुकान उपलब्ध होना
- बिजली कनेक्शन होना
- दुकान का सड़क से जुड़ा व्यावसायिक स्थान पर होना
इन सभी मानकों की जांच के बाद ही बिक्री केंद्र की स्वीकृति दी जाएगी।
जिला परियोजना प्रबंधक ने क्या कहा?
जिला परियोजना प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिले की सभी 182 पंचायतों में जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अब तक करीब 25 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और जीविका दीदियों को लगातार योजना की जानकारी देकर आवेदन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस पहल से न केवल महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और दुग्ध उत्पादों की पहुंच गांव-गांव तक सुनिश्चित होगी।

