बिजनौर में ई-रिक्शा अचानक बंद होने की घटनाओं के बाद BAT-BMS ऐप को लेकर विवाद बढ़ गया है, हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस ऐप से वाहनों को दूर से लॉक किए जाने का कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं मिला है और मामले की जांच जारी है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों BAT-BMS नाम का एक मोबाइल ऐप चर्चा का विषय बना हुआ है। दावा किया जा रहा है कि इस ऐप की मदद से ब्लूटूथ के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा की बैटरी लॉक कर वाहन को रोका जा सकता है। वायरल वीडियो और बिजनौर से सामने आई शिकायतों के बाद ई-रिक्शा चालकों के बीच चिंता बढ़ गई है। हालांकि, अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना में पिछले दो दिनों के दौरान कई ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत की कि उनके वाहन चलते-चलते अचानक बंद या लॉक हो रहे हैं। चालकों का आरोप है कि इसके पीछे किसी मोबाइल ऐप के जरिए की जा रही छेड़छाड़ हो सकती है।
रिक्शा चालक सलमान के मुताबिक, अब तक करीब 80 ई-रिक्शा लॉक होने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इसको लेकर बड़ी संख्या में चालक डबल फाटक स्थित चित्तौड़गढ़ चौकी पहुंचे और पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
रोजगार पर पड़ रहा असर
ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि अचानक वाहन बंद हो जाने से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है, साथ ही सड़क पर दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है, उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि यदि किसी ऐप का दुरुपयोग हो रहा है तो उस पर तत्काल रोक लगाई जाए, स्थानीय लोगों के अनुसार, नगीना में करीब एक हजार परिवार ई-रिक्शा चलाकर अपना जीवनयापन करते हैं, ऐसे में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आने से हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो
इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि BAT-BMS ऐप के जरिए सड़क पर चल रहे ई-रिक्शा की बैटरी को दूर से लॉक या डिसेबल किया जा सकता है। इन वीडियो ने इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के बीच सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
क्या है BAT-BMS ऐप?
BAT-BMS एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे चीन की Shenzhen Greenenergy Technology ने विकसित किया है। यह ऐप फिलहाल एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
असल में यह ऐप ब्लूटूथ आधारित स्मार्ट लिथियम बैटरियों (Bluetooth Enabled Smart Lithium Batteries) की निगरानी और प्रबंधन के लिए बनाया गया है। इसके जरिए यूजर बैटरी से जुड़ी कई जानकारियां देख सकते हैं, जैसे—
- बैटरी चार्जिंग लेवल
- वोल्टेज
- डिस्चार्ज करंट
- सेल वोल्टेज
- बैटरी का तापमान
- बैटरी हेल्थ और स्टेटस
कुछ स्मार्ट बैटरियों में चार्जिंग ऑन-ऑफ जैसी सुविधाएं भी इस ऐप के जरिए उपलब्ध होती हैं।
क्या सचमुच ऐप से ई-रिक्शा बंद किया जा सकता है?
तकनीकी जांच में यह सामने आया कि ऐप में बैटरी से कनेक्ट होने और उसकी जानकारी देखने के विकल्प जरूर मौजूद हैं, लेकिन किसी भी ई-रिक्शा को सीधे लॉक या बंद करने का अलग फीचर दिखाई नहीं देता, जांच के दौरान ऐप को ब्लूटूथ ऑन करके इस्तेमाल किया गया। कुछ डिवाइस दिखाई भी दिए, लेकिन कंट्रोल सेक्शन में आगे बढ़ने के लिए पासवर्ड की आवश्यकता पड़ी। सामान्य पासवर्ड डालने पर भी कोई एक्सेस नहीं मिला, यानी बिना अधिकृत एक्सेस और सही पेयरिंग के किसी बैटरी को नियंत्रित करना संभव नहीं दिखा।
ब्लूटूथ पेयरिंग के बिना संभव नहीं कंट्रोल
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी स्मार्ट बैटरी से ब्लूटूथ के जरिए कनेक्ट होने के लिए पहले उसकी पेयरिंग प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके लिए संबंधित डिवाइस का एक्सेस या सिक्योरिटी पासवर्ड जरूरी होता है, ऐसे में बिना अनुमति किसी भी चलते वाहन की बैटरी से कनेक्ट होकर उसे नियंत्रित कर लेना सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं माना जाता।
सभी ई-रिक्शा इस तकनीक से लैस नहीं
भारत में चल रहे अधिकांश ई-रिक्शा अभी भी पारंपरिक लीड-एसिड बैटरियों या सामान्य लिथियम बैटरियों का उपयोग करते हैं, जिनमें ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) नहीं होता, केवल कुछ आधुनिक स्मार्ट बैटरियों में ही ब्लूटूथ आधारित BMS दिया जाता है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से बैटरी की स्थिति और तापमान की निगरानी के लिए किया जाता है।
पुलिस क्या कह रही है?
नगीना थाना प्रभारी विकास कुमार ने बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में है और इसकी जांच की जा रही है, उनके मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखने के बाद कई लोग इस ट्रेंड को फॉलो कर रहे हैं, लेकिन **अब तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि ई-रिक्शा बंद होने की घटनाओं का BAT-BMS ऐप से कोई सीधा संबंध है, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इसके पीछे बैटरी, कंट्रोलर, तकनीकी खराबी या कोई अन्य वजह तो जिम्मेदार नहीं है।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल BAT-BMS ऐप को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक तकनीकी या जांच आधारित प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो कि इस ऐप के जरिए किसी भी राह चलते ई-रिक्शा को दूर से बंद किया जा सकता है, बिजनौर पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ई-रिक्शा के अचानक बंद होने के पीछे तकनीकी खराबी, बैटरी सिस्टम या वास्तव में किसी ऐप का दुरुपयोग जिम्मेदार है।


