मुंबई की राजनीति में बीएमसी चुनाव से पहले आज एक बेहद भावुक और महत्वपूर्ण क्षण देखने को मिला। बालासाहेब ठाकरे की विरासत को आगे बढ़ाते हुए, उनके भतीजे उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने वर्षों बाद एक ही मंच साझा किया। दोनों नेताओं ने मिलकर ‘शिवशक्ति वचननामा’ नामक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया, जिसमें मुंबईकरों के लिए बड़े वादे किए गए हैं और मराठी अस्मिता की बात प्रमुखता से उठाई गई है।
‘शिवशक्ति वचननामा’ के माध्यम से ठाकरे बंधुओं ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी चुनावी लड़ाई मुंबई, मराठी मान और लोकतंत्र के सिद्धांतों पर केंद्रित होगी। इस मौके पर राज ठाकरे ने साफ कहा कि मुंबई का मेयर मराठी ही होगा, जबकि उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। घोषणापत्र में मुंबईकरों को तत्काल राहत देने के लिए कई आर्थिक वादे किए गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख 700 वर्ग फुट तक के घरों पर प्रॉपर्टी टैक्स को पूरी तरह माफ करने का ऐलान है। साथ ही, हाउसिंग सोसायटियों को भी एक लाख रुपये तक की सब्सिडी देने की बात कही गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलावों की योजना है। वचननामा में यह सुनिश्चित किया गया है कि बीएमसी स्कूलों की जमीन किसी भी बिल्डर को नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, दसवीं के बाद छात्रों के ड्रॉपआउट को रोकने के लिए निगम स्कूलों में ही जूनियर कॉलेज शुरू किए जाएंगे। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए वीआर (VR) और एआई (AI) जैसी आधुनिक तकनीक को जोड़ा जाएगा। महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। महिला गृहणियों को ‘स्वाभिमान निधि’ के तहत हर महीने 1500 रुपये देने, 1500 रुपये में भोजन योजना उपलब्ध कराने और डे-केयर सेंटर शुरू करने की घोषणा की गई है।
घोषणापत्र में स्वास्थ्य और आधारभूत संरचनाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। हर वार्ड में पेट क्लिनिक, सुपर स्पेशलिस्ट कैंसर अस्पताल और आपातकालीन सेवाओं के लिए बाइक मेडिकल एम्बुलेंस सेवा शुरू करने का वादा किया गया है। बुनियादी सुविधाओं के तहत, युवाओं के लिए बालासाहेब ठाकरे सेल्फ एम्प्लॉयमेंट फंड स्कीम लाई जाएगी, निगम के खाली पद भरे जाएंगे, और मुंबईकरों को 100 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात भी कही गई है। इसके अलावा, ट्रैफिक समस्या कम करने के लिए बेस्ट (BEST) बस यात्रा सस्ती करने, महिलाओं और छात्रों को कुछ बसों में मुफ्त यात्रा देने और निगम पार्किंग में फ्री पार्किंग की सुविधा देने का वादा किया गया है।
एक मंच पर राज और उद्धव की उपस्थिति ने मुंबई की राजनीति को एक नया मोड़ दिया है। अब देखना यह है कि ‘शिवशक्ति वचननामा’ में किए गए ये लोकलुभावन वादे आने वाले बीएमसी चुनाव में मतदाताओं को कितना प्रभावित कर पाते हैं।









