BRICS में बिहार का जलवा! CM सम्राट चौधरी बोले- सत्तू-मखाने को मिली ग्लोबल पहचान

नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में बिहार के पारंपरिक उत्पाद सत्तू और मखाना भी आकर्षण का केंद्र बने। BRICS की वेलकम किट में बिहार के इन दोनों उत्पादों को शामिल किया गया, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर जगह मिली।
सम्राट चौधरी
सम्राट चौधरी

नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में बिहार के पारंपरिक उत्पाद सत्तू और मखाना भी आकर्षण का केंद्र बने। BRICS की वेलकम किट में बिहार के इन दोनों उत्पादों को शामिल किया गया, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर जगह मिली। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।

‘बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने’

सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सत्तू और मखाने को BRICS की वेलकम किट में शामिल किए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ये दोनों उत्पाद बिहार के स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “बिहार का गौरव वैश्विक मंच पर! दिल्ली BRICS Summit में Welcome Kit में शामिल सत्तू और मखाना हमारे स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए इसे ‘Local to Global’ की सोच को आगे बढ़ाने वाला कदम बताया। सम्राट चौधरी के मुताबिक, इससे बिहार के स्थानीय उत्पादों को दुनिया तक पहुंचाने का अवसर मिला है।

वेलकम किट में क्या-क्या शामिल?

BRICS सम्मेलन के लिए तैयार की गई वेलकम किट में बिहार के सत्तू और मखाने के अलावा ओडिशा की कोरापुट कॉफी और गुजरात के हस्तशिल्प उत्पादों को भी जगह दी गई। इस पहल के जरिए भारत की अलग-अलग राज्यों की स्थानीय परंपराओं, उत्पादों और उद्यमिता को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने पेश किया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, किट में शामिल सत्तू मधुबनी से लिया गया है, जबकि मखाना पूर्णिया से सोर्स किया गया है। इससे बिहार के स्थानीय उत्पादकों और खाद्य कारोबार से जुड़े उद्यमियों को भी व्यापक बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिल सकता है।

BRICS के मंच से बिहार के उत्पादों को बड़ा बाजार

BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में सत्तू और मखाने की मौजूदगी को बिहार के स्थानीय उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर मखाने की अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बढ़ाने और सत्तू जैसे पारंपरिक उत्पाद को नए उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिहाज से यह पहल अहम है।

‘लोकल टू ग्लोबल’ पर जोर

BRICS सम्मेलन में बिहार के सत्तू और मखाने को शामिल किया जाना केंद्र की ‘लोकल टू ग्लोबल’ सोच के तहत स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

बिहार के लिए यह इसलिए भी खास है क्योंकि सत्तू और मखाना राज्य की खान-पान और कृषि परंपरा से गहराई से जुड़े हैं। अब इन्हें BRICS जैसे वैश्विक मंच पर जगह मिलने से बिहार के इन उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार विस्तार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

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